एक दिव्यांग ने अपनी मांग को लेकर जमकर हंगामा मचाया। दिव्यांग ने अपना नकली पैर हटाया और खुद को मारने लगा।
दरअसल, अलवर के रामगढ़ क्षेत्र के एक परिवार का दिव्यांग सार्टिफिकेट रिन्यू नहीं करने को लेकर आज राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में हंगामा हो गया। दिव्यांग परिवार ने आत्महत्या की धमकी दी और डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। दिव्यांग रसीद खान के दोनों पैर और बांया हाथ कटा हुआ है। जिसका डाक्टरों ने 80 फीसदी से अधिक दिव्यांग सर्टिफिकेट बना दिया, लेकिन उसकी पत्नी अमीना का 30 फीसदी दिव्यांग का सर्टिफिकेट बनाया।
इसको लेकर विवाद हुआ। दरअसल, अमीना ने जो पहले सर्टिफिकेट बना रखा है, वह झारखंड का है, जिसमें उसे पोलियो ग्रस्त मानकर 60 फीसदी दिव्यांग का प्रमाण पत्र बनाया गया है। अलवर में डाक्टरों की टीम ने जांच की अमीना को पोलियो नहीं माना। उन्होंने जैनुवेलगम बीमारी मान करीब 30 फीसदी का दिव्यांग सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है।