जयपुर के झालाना वन क्षेत्र को लेपर्ड रिजर्व के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कार्य मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की बजट घोषणा प्रोजेक्ट लेपर्ड के तहत किया जाएगा।
वन विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह दुनिया का पहला लेपर्ड रिजर्व होगा। इसके बाद राजस्थान की अन्य आठ सेंचुरी में भी इस तरह का प्रोजेक्ट अपनाया जाएगा। वर्तमान में झालाना में लेपर्ड की संख्या 15 से ज्यादा है। गौरतलब है शहर के नजदीक होने के कारण इस वन क्षेत्र से लेपर्ड निकलकर रिहायशी ईलाकों में आ जाते है जिसके कारण इनकी जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। प्रोजेक्ट लेपर्ड पर करीब पांच—सात करोड़ रुपए का खर्चा आएगा।
झालाना वन क्षेत्र के चारों ओर बड़ी बाउंड्री निर्माण के साथ अन्य कई कार्य किए जाएंगें। प्रोजेक्ट लेपर्ड के जल्द ही एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जिसके अन्तर्गत राष्ट्रीय व स्थानीय विशेषज्ञों को सम्मलित कर उनकी राय ली जाएगी।
प्रोजेक्ट लेपर्ड झालाना के साथ राजस्थान की अन्य सेंचुरी में भी चलाया जाएगा। जिसमें उदयपुर की जयसमंद सेंचुरी, चित्तौड़गढ़ की बस्सी सेंचुरी, बारां की शेरगढ़ सेंचुरी व अन्य सेंचुरी सम्मलित है।