जयपुर के एक सरकारी अस्पताल में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी
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राजस्थान में सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल टूटने की उम्मीद एक बार फिर खत्म हो गई है। सरकार ने दो बजे वार्ता के लिए बुलाया था, लेकिन हड़ताली चिकित्सकों ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया।
सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल की वजह से राजस्थान में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई है। आज सरकार ने दो बजे सेवारत चिकित्सकों को बातचीत के लिए जयपुर के स्वास्थ्य भवन में बुलाया था। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. वीके माथुर ने राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के नाम एक पत्र जारी करते हुए हुए संघ के करीब 23 नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया था। इसमें सेवारत डॉक्टर्स की मांगों पर सरकार पुन:विचार होना था।
उधर, हड़ताल कर रहे चिकित्सक नेता अजय चौधरी का मीडिया में बयान आया है कि सरकार ने अपनी मर्जी से वार्ता का समय और स्थान तय किया है। वार्ता में बुलाए जा रहे नेताओं के नाम भी अपने स्तर पर तय किए है। संघ से इस बारे में राय नहीं ली गई। रेजीडेंट डॉक्टर्स प्रतिनिधियों को भी नहीं बुलाया जा रहा। ऐसे में वे वार्ता में शामिल नहीं होंगे। दूसरे, अधिकांश पदाधिकारी कार्रवाई के डर से राजस्थान की सीमा से बाहर है।