ये कुदरत का अजूबा है या कुछ और कि इस महिला के खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा केवल एक ग्राम प्रति डेसीलीटर है। फिर भी ये जिंदा है। जी हां, ये बिल्कुल सच है और इस घटना ने डॉक्टरों को हैरान किया हुआ है।
ये हैरत कर देने वाला ये अनूठा मामला राजस्थान के उदयपुर संभाग के आदिवासी बहुल जिले बांसवाड़ा से सामने आया है। जहां चिकित्सा इसे विज्ञान के लिए चुनौती के रूप में देख रहे हैं, वहीं लोग इसे कुदरत का अजूबा मान रहे हैं।
बांसवाड़ा जिले के घाटोल उपखण्ड क्षेत्र के आमलीवाटा गांव निवासी महिला देवा पत्नी जीवा के शरीर में दौड़ रहे खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा केवल एक ग्राम प्रति डेसीलीटर है। सभी को चकित कर डालने वाली ये जानकारी तब मिली जब गत दिनों उसे बुखार आने पर बांसवाड़ा जिला मुख्यालय के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले की बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल के लेब इन्चार्ज शरद त्रिवेदी ने भी पुष्टि की है।
डॉक्टर तो ब्लड रिपोर्ट आते ही चौंक गए और उन्हें ये विश्वास ही नहीं हुआ कि इतने कम हीमोग्लोबिन की मात्रा पर भी कोई जिंदा रह सकता है। लेकिन ये मरीज जिंदा है और डॉक्टर गहन जांच में जुटे हुए हैं।