राजस्थान हाईकोर्ट ने दीवार का निर्माण कर पड़ौसी की हवा-रोशनी बाधित करने के मामले में पूर्व राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी और पद्मनाभ को राहत दे दी है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में अतिरिक्त जिला न्यायालय के गत बीस मई के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें अदालत ने दीया कुमारी व पद्मनाभ को स्वयं के खर्च पर दीवार हटाने के आदेश दिए थे।
न्यायाधीश पंकज भंडारी की अवकाशकालीन एकलपीठ ने यह आदेश दीया कुमारी व पद्मनाभ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। मामले के अनुसार सी-स्कीम के रमेश मार्ग निवासी देवेन्द्र जोशी व अन्य ने शहर की निचली अदालत में दावा पेश किया था। जिसमें कहा गया था कि उनके दो मंजिला भवन के दरवाजे, नाले-परनाले और रोशनदान आदि खुली भूमि पर खुलते हैं। गत दिनों दीया कुमारी व अन्य ने नाले आदि को तुड़वाकर दरवाजा बंद करवाने की धमकी दी। दावे पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत ने दो मई को दावा खारिज कर दिया।
इस पर दावाकर्ता की ओर से अतिरिक्त जिला न्यायालय में अपील दायर की गई। अपील पर सुनवाई करते हुए गत बीस मई को अदालत ने दीया कुमारी व पद्मनाभ को पाबंद किया कि वे स्वयं के खर्च पर दावाकर्ता की हवा-रोशनी बाधित करने वाले निर्माण को हटाएंगे। इस आदेश के खिलाफ दीया कुमारी व पद्मनाभ की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गई। अपील में कहा गया कि अपीलीय न्यायालय निचली अदालत पर अपना विवेकाधिकार लागू नहीं कर सकता है।
दावा खारिज होने के बाद दीवार का निर्माण किया गया है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने अतिरिक्त जिला न्यायालय के गत बीस मई के आदेश पर रोक लगा दी है।