फिल्म निर्माता एवं निर्देशक सरोश खान की ओर से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में खादिमों के खिलाफ दिए बयान को लेकर खादिम समुदाय व जायरीनों में गहरा रोष व्याप्त है।
जायरीनों ने सरोश खान के दरगाह में आने पर पाबंदी लगाने की मांग की है, वहीं खादिम एस एफ मुबीन चिश्ती ने अदालत के जरिए नोटिस भेजकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही है।फिल्म निर्माता एवं निर्देशक सरोश खान ने हाल ही में दरगाह में जियारत करने के बाद खादिम समुदाय पर लूटपाट के आरोप जड़े थे और केन्द्र सरकार से इनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। खान के बयान को लेकर रोष गहराता जा रहा है। जहां खादिम समुदाय ने खान के बयान को लेकर मोर्चा खोल दिया है, वहीं जायरीन भी खान की टिप्पणी से खफा है।
महाराष्ट्र से आए जायरीन मोईनुद्दीन ने कहा कि सरोश खान ने उक्त टिप्पणी किसी के बहकावे में आकर दी है। जिससे जायरीन की भावनाएं आहत हुई है। खान के दरगाह आने पर पूर्णतया पाबंदी लगनी चाहिए। इसी तरह हैदराबाद की जायरीन सुलताना बेगम ने कहा कि सरोश खान ने ख्वाजा साहब और उनके खादिमों को बदनाम करना चाहते हैं। दरगाह में इस तरह का कुछ नहीं होता है। यहां आने वालों को आत्मिक शांति मिलती है।
वहीं खादिम एस एफ मुबीन चिश्ती ने कहा कि उन्होंने वकील के जरिए सरोश खान को नोटिस दिया है और अपने दिए गए बयान को लेकर सार्वजनिकर तौर पर माफी मांगने को लिखा है। यदि सात दिन में खान ने माफी नहीं मांगी तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने कहा कि 8 साल से खान उनके मेहमान है। पूर्व में कभी भी कोई विवाद नहीं हुआ। इस बार गलत बयानबाजी करना दरगाह को बदनाम करने की साजिश है। सखी ने कहा कि जो कुछ सरोश ने बोला वह उनके लब्ज नहीं है बल्कि किसी के बहकावे में आकर की गई टिप्पणी है।