बांसवाड़ा में उपद्रव के तीसरे दिन भी हालात अभी सामान्य नहीं हो सके हैं। अलसुबह ठीकरिया गांव के पास फिर से एक वाहन में आगजनी की घटना सामने आई।
जानकारी के अनुसार, कर्फ्यू के बावजूद अभी भी आगजनी की घटनाएं नहीं थम रही हैं। ठीकरिया के पास रविवार सुबह कुछ लोगों ने मौका देखकर एक टैम्पो में आग लगा दी। इससे एकबार तो लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत एक्शन लेते हुए आग को बुझा दिया। मौके पर कोई भी व्यक्ति पुलिस की पकड़ में नहीं आया। तीन दिन में पुलिस अब तक 51 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दोषियों को पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह दबिश भी दे रही है। वहीं, आईजी आनंद श्रीवास्तव खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
शहर में एहतियात के तौर पर सभी पेट्रोल पम्प को बंद कर दिया गया है। साथ ही, जरूरी सामान की दुकानें भी बंद हैं जिसके चलते लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ रही है। लोग अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। रोजाना की तरह यहां इलाके सूनसान ही रहे। घरों में दूध और सब्जियों तक की किल्लत बनने लगी है। इसके चलते अधिकांश घरों में तो दाल ही बन रही है। वहीं, दूध नहीं मिलने से बच्चे दूध को तरस रहे तो बड़े—बुजुर्गों को चाय तक नसीब नहीं हो रही है। बांसवाड़ा शहर में रहने वाले चालक—परिचालकों के घरों में ही फंसने के कारण रोडवेज को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। जो गाड़ियां चल रही हैं उनमें भी सवारियां कम मिलने से रोडवेज को राजस्व का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
व्यापार की बात करें तो पिछले दो दिन में करोड़ों का व्यापार प्रभावित हो चुका है। चैम्बर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष शंभुलाल हिरन के अनुसार हालात बिगड़ने से बैंकों और व्यापार का ट्रांजेक्शन काफी हद तक प्रभावित हुआ है। होटल, फल और थोक का व्यापार करने वालों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बड़ी मात्रा में फल—सब्जी और खाद्यान्न सामग्री खराब हुई है। लोगों का कहना है कि अब तो प्रशासन को कर्फ्यू में ढील देकर कुछ राहत देनी चाहिए, ताकि आमजन सामान्य जरूरत का सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर निकल सके।
बासंवाड़ा एसपी कालूराम रावत का कहना है कि कानून व्यवस्था के लिए अभी हमने यहां करीब 900 जवान तैनात किए हुए हैं। कर्फ्यू में ढील या आगे की स्थिति के लिए एक बार फिर से समीक्षा की जाएगी। इसके बाद ही कुछ तय हो पाएगा।