महानगर मजिस्ट्रेट क्रम-33 ने कम समय में निवेश को दुगना करने का लालच देकर पन्द्रह पीड़ितों से एक करोड़ 73 लाख रुपए की ठगी करने वाली माधुरी नरेन्द्र पाटिल और महेन्द्र सिंह राठौड़ को तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने प्रत्येक अभियुक्त पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने आदेश की कॉपी पुलिस कमिश्नर को भेजते हुए कहा कि करणी विहार थाना पुलिस के तत्कालीन एसएचओ शीशराम ने उचित जांच नहीं की। अलग-अलग दी गई रिपोर्ट को लेकर एक ही मुकदमा बनाया गया। जबकि अपराध अलग-अलग लोगों से अलग-अलग समय पर हुआ। इसके अलावा पुलिस ने रुपए की रिकवरी के भी कोई प्रयास नहीं किए। मामले के अनुसार वर्ष 2013-14 में अभियुक्तों ने कम समय में निवेश राशि को दुगना करने का झांसा देकर कई लोगों को अपना शिकार बनाया। घटना को लेकर शिवराज सिंह व अन्य ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। जांच में आया की अभियुक्तों ने 15 लोगों से एक करोड़ 73 लाख रुपए की ठगी की है।