गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर की सीबीआई जांच समेत विभिन्न मांगों को लेकर आनंदपाल के पैतृक गांव सांवराद में आज हुंकार रैली आयोजित की गई। हुंकार रैली में दूरदराज से आए लाखों की तादाद में राजपूत समाज के लोग जुटे। इस दौरान राजपूत संगठनों के पदाधिकारी सरकार पर भी जमकर बरसे।
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दरअसल, पहले से ही प्रस्तावित हुंकार रैली में शामिल होने के लिए कल रात से ही यहां राजपूतों का पहुंचना शुरू हो गया था। राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ—साथ दूसरे प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में राजपूत सांवराद पहुंचे। इसके चलते सांवराद और उसके आसपास इलाकों में दिनभर तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि, यहां पुलिस बल इतनी ज्यादा संख्या में तैनात किया गया था कि सांवराद पूरी छावनी जैसा ही लग रहा था।
इतनी बड़ी संख्या में राजपूत समाज के लोगों को देखकर एहतियातन पुलिस ने डीडवाना, नागौर सहित आसपास के इलाके में बाजार बंद करा दिए। हालांकि, फिर भी शाम को डीडवाना—लाडनूं हाइवे पर पुलिस पर पथराव की सूचना है। इसके चलते जोधपुर-रेवाड़ी ट्रेन को सुजानगढ़ में ही रोक दिया गया। इस बीच यह भी खबर है कि राजपूतों ने डीडवाना में रेल पटरियों पर कब्जा कर लिया और पटरियों को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
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जयपुर कूच की दी चेतावनी
आनंदपाल सिंह।
- फोटो : Demo pic
हुंकार रैली में राजपूत समाज के पदाधिकारियों ने आनंदपाल एनकाउंटर मामले की सीबीआई से जांच नहीं कराने को लेकर सरकार पर हठधर्मिता के आरोप लगाए। इस दौरान समाज ने आगामी चुनाव में भाजपा को देख लेने की भी बात कही गई।
रैली में आनंदपाल को समाज के लोगों ने श्रद्धाजंलि दी । हालांकि, उसके अंतिम संस्कार को लेकर कोई फैसला नहीं हो सका। अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि 16 जुलाई को उसका अंतिम संस्कार किया जा सकता है। गौरतलब है कि आनंदपाल का एनकाउंटर 24 जून की रात को हुआ था और उसका शव सांवराद में डी-फ्रीज में रखा हुआ है।
दूसरी ओर, मांगें नहीं माने जाने पर रैली में आए कुछ नेताओं ने जयपुर कूच करने तक की चेतावनी दे डाली। जानकारी यह भी आई कि राजपूत संगठनों के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच वार्ता हुई है। जिसमें आनंदपाल की छोटी बेटी योगिता के साथ अन्य परिजन मौजूद रहे, लेकिन वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
सांवराद, नागौर, कुचामन, डीडवाना, सीकर और आसपास इलाकों में दिनभर तनाव नजर आया। इस दौरान गोली चलने, तोड़फोड की अफवाहें उड़ती रही।
आयोजक रैली में राजस्थान के कई जिलों के अलावा बाहरी राज्यों से करीब एक लाख लोगों के जुटने का दावा कर रहे थे। वहीं, पुलिस का दावा था कि सभा में 10 से 15 हजार लोग इकट्ठा हुए। इसी दौरान कुछ आक्रोशित युवकों द्वारा दोपहर को डीडवाना-लाडनूं हाइवे पर टायर जलाकर जाम लगाने और कुछ वाहनों को आग लगाने की खबरें भी मिली। जिन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस को आंसू गैस तक छोड़नी पड़ी।
हालांकि, डीजी जेल अजीत सिंह शेखावत और आईजी मालिनी अग्रवाल मौके की स्थिति पर नजर बनाए हुए रखे। करीब 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों के अलावा लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की टीम ने नागौर व आसपास के जिलों में सुरक्षा व्यवस्था संभाली।