यौन शोषण मामले में जेल में बंद गुरमीत राम रहीम के डेरे से गायब हुई जयपुर की एक महिला को लेकर पड़ताल एसओजी या फिर सीबीआई के हाथों में जा सकती है।
राजस्थान हाईकोर्ट में आज इस मामले को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें राजस्थान पुलिस ने कहा है कि इस मामले में एसओजी या सीबीआई में से कोई भी एजेंसी से जांच करवाई जा सकती है। हाईकोर्ट न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान आज जवाहर सर्किल थानाधिकारी राजेश सोनी पेश हुए।
इस मुकदमे में अनुसंधान अधिकारी राजेश सोनी ने अपने लोक अभियोजक के जरिए कोर्ट से समय मांगते हुए कहा कि महिला गुड्डी के पंचकुला स्थित डेरे से गायब होने की जांच अब सीबीआई अथवा एसओजी को ट्रांसफर करने पर विचार चल रहा है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से चर्चा की जा रही है।
बाबा की सेवा में ले जाने की कहकर ले गया था सेवादार
गुड्डी
थानाधिकारी की ओर से कोर्ट में बताया गया कि सीबीआई हरियाणा में ऐसे ही डेरों से गायब हुए करीब दो दर्जन मामलों की पड़ताल कर रही है। इसलिए कुछ समय दिया जाए। इस पर कोर्ट ने 1 माह के लिए सुनवाई टाल दी।
गौरतलब है कि जयपुर के जवाहर सर्किल इलाके में रहने वाले कमलेश नाम के व्यक्ति ने जवाहर सर्किल थाने में 7 मई 2015 राम रहीम और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें कमलेश ने बताया था कि उसकी पत्नी गुड्डी राम रहीम के सिरसा आश्रम में गई थी।
कमलेश के मुताबिक यह घटना 24 मार्च 2015 की है। डेरा का एक सेवादार उसकी पत्नी को सिरसा स्थित आश्रम लेकर गया था। वहां 29 मार्च 2015 को गुड्डी को सेवादार बाबा की सेवा में जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। उसके बाद से गुड्डी कभी नहीं लौटी।
पुलिस में सुनवाई नहीं होने के बाद पति पहुंचा कोर्ट
Ram Rahim
- फोटो : File Photo
मामले में परिवादी कमलेश की ओर से अधिवक्ता भी मसैन बैरवा और बाबूलाल बैरवा पैरवी कर रहे है। इससे पहले जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी थी। लेकिन रामरहीम की गिरफ्तारी के बाद कमलेश ने फिर से याचिका लगाकर कोर्ट से उसकी पत्नी को बरामद करवाने को लेकर गुहार की। तब कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए मामले को रिओपन करवाया और जांच शुरू हुई।