एसओजी की गिरफ्त में ठगी की गैंग
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तीसरा आरोपी एडवोकेट चतुर्भुज मीणा निवासी दौसा है। आरोपी यशवंत सिंह उर्फ यश चौहान निवासी उत्तरप्रदेश हाल नई दिल्ली है। पांचवां आरोपी रमेशचंद्र जाटव निवासी हिंडौन सिटी, करौली हाल एएसआई थाना रामगढ़ पचवारा जिला दौसा है। जबकि आरोपी डॉक्टर सतीश कुमार खंडेलवाल निवासी दौसा है। वह सरकारी अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी है।
इस गैंग का मुख्य सूत्रधार इंश्योरेंस कंपनी का क्लेम उठाने से पहले फील्ड इंवेस्टिगेशन करवाने वाली एक फर्म का संचालक रघुराज सिंह चौहान है। चौहान ने इंश्योरेंस डेथ क्लेम फर्जीवाड़े से पाने के लिए आरोपी आॅटोरिक्शा चालक जितेंद्र का पहले छह कंपनियों से इंश्योरेंस करवाया। इसके बाद फर्जी सड़क हादसे में जितेंद्र की मौत होना बता दिया।
रघुराज चौहान ने प्रोफेशनल गैंग में शामिल जितेंद्र की मौत की सड़क हादसे में फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया। डॉक्टर सतीश से फर्जी तरीके से मौके पर पोस्टमार्टम होना बताया। इसके बजाज इंश्योरेंस कंपनी से 16 लाख रुपयों का डेथ क्लेम उठाकर इंश्योरेंस पॉलिसी में नॉमिनी बनी उसकी पत्नी मंजू को दिलवा दिए।
फिर इन रुपयों का आपस में बंटवारा कर लिया। पिछले साल 10 अक्टूबर को दौसा जिले के कोतवाली थाने में पुलिस की एक झूठी तहरीर द्वारा जितेंद्र सिंह नामक व्यक्ति का फर्जी पोस्टमार्टम करवाने का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब केस की जांच एएसपी करन शर्मा को सौंपी गई तो अनुसंधान में गैंग का पर्दाफाश हुआ।