जिला पुलिस अधीक्षक का पीए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
यह कार्रवाई राजस्थान के बूंदी जिले में बीती रात को हुई। जहां कोटा एसीबी की टीम ने एएसपी ठाकुर चंद्रशील के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए एसपी आॅफिस में तैनात निजी सहायक कांस्टेबल ग्यारसी लाल को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा।
यह रिश्वत कोतवाली थाना, बूंदी में करीब चार माह पहले गबन व धोखाधड़ी के एक केस में जल्दी चालान पेश करवाने की एवज में लिए थे। इस केस की जांच सबइंस्पेक्टर तेजसिंह के पास थी। कोटा एसीबी के सीआई अजीत बगडोलिया ने बताया कि परिवादी सुनील जैन ने 25 जनवरी को एसीबी में शिकायत दी थी।
जिसमें बताया था कि उसके भाई राजकुमार जैन को कोतवाली थाना पुलिस, जिला बूंदी ने एक पेट्रोल पंप पर 17 लाख रुपयों का धोखाधड़ी कर गबन करने के मामले में गिरफ्तार किया था। जिसमें अनुसंधान अधिकारी सबइंस्पेक्टर तेजसिंह ने काफी दिनों बाद भी चालान पेश नहीं किया। जिससे आरोपी राजकुमार की जमानत नहीं हो पा रही थी।
परिवादी सुनील जैन का आरोप है कि उन्होंने जांच अधिकारी तेजसिंह से बात की तब उसने एसपी आॅफिस के पीए सेक्शन में बैठने वाले कांस्टेबल ग्यारसी लाल से मिलने को कहा था। तब सुनील जैन ने ग्यारसी लाल से मुलाकात कर बातचीत की।
जिसमें उसने चालान जल्द पेश करवाने की एवज में 20 हजार रुपए रिश्वत मांगी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रेप रचा और कल सुनील जैन को हस्ताक्षरशुदा कलर लगे दो-दो हजार के 10 नोट निजी सहायक ग्यारसी लाल के पास भेजे। उसने ज्योंही रिश्वत ली। तभी एसीबी टीम ने ग्यारसीलाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोटा लाकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में सबइंस्पेक्टर तेजसिंह की भूमिका की जांच की जा रही है।