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महाठगी के आरोपी पिनकॉन के डायरेक्टर के खिलाफ 30 हजार पन्नों की चार्जशीट, कोर्ट में पेश

Mon, 29 Jan 2018 02:50 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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पिनकॉन कंपनी के खिलाफ 30 हजार पन्नों की चार्जशीट - फोटो : Vishnu Sharma
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देश के 120 से ज्यादा शहरों में करीब 800 करोड़ की ठगी करने के मामले में पिनकॉन कंपनी के खिलाफ एसओजी राजस्थान द्वारा करीब 30 हजार पन्नों की चार्जशीट आज कोर्ट में पेश की गई।
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ठगी के मुकदमों में यह अब तक की सबसे बड़ी चार्जशीट बताई जा रही है। इन पन्नों को तीन-चार गाड़ियों में रखकर कोर्ट ले जाया गया। गौरतलब है कि मोटे मुनाफे का लालच देकर कई राज्यों में करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था।

एसओजी राजस्थान पुलिस ने नवंबर माह, 2017 में पिनकॉन कम्पनी के डायरेक्टर मनोरंजन रॉय उसके एक साथी विनय को बेंगलुरू से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। इस कंपनी ने पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित कई प्रदेशों के प्रमुख शहरों से हजारों भोले-भाले लोगों को ठगा।
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आमदनी बढ़ाने के लालच में हुए ठगी का शिकार

पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय व उसके साथी विनय - फोटो : File photo
एडीजी एसओजी उमेश मिश्रा के मुताबिक पिनकॉन कंपनी पश्चिम बंगाल में मदिरा सप्लाई का काम भी करती है। जिसकी देश में लगभग 120 से अधिक शहरों में शाखाएं हैं। जिसके जरिए देशभर में हजारों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की गई। 

एसओजी के आईजी दिनेश एमएन के निर्देशन में गठित टीम में शामिल एडिशनल डीसीपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, एएसपी ललित किशोर शर्मा, एएसपी करन शर्मा के नेतृत्व में गठित टीमों ने मामले के खुलासे में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान कंपनी की ठगी का शिकार बने सैकड़ों पीड़ित पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए।

कोटा में 3 से 4 हजार पीड़ित सामने आए थे। उन्होंने बताया था कि आमदनी बढ़ाने के चक्कर में लाखों रुपए पिनकॉन कंपनी में निवेश किया था। कई सालों तक कंपनी ठीक काम करती रही, लेकिन पिछले महीने हजारों लोगों का रुपया लेकर फरार हो गई। राजस्थान में यह कंपनी एजेंटों और कर्मचारियों के जरिये 11 दफ्तरों से संचालित होती थी, लेकिन कुछ समय पहले कंपनी ने अचानक निवेशकों का पैसा लौटाने से हाथ खींच लिया।

 
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चार साल में रुपए दुगुने करने का लालच दिया गया

खुलासा होने पर सामने आए ठगी के शिकार - फोटो : Amar Ujala
एसओजी ने इस महाठगी का भंडाफोड़ जयपुर के रहने वाले एक व्यक्ति की शिकायत के बाद पड़ताल कर किया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि एक लुभावनी स्कीम में रुपए निवेश करने पर मुनाफा अर्जित होने संबंधी फोन कॉल्स आए थे।

इससे गैंग के झांसे में आकर पीड़ित ने लाखों रुपए का निवेश कर गैंग के दिए बैंक खातों में जमा करवा दिया। तब ठगी के शिकार इस पीड़ित की रिपोर्ट पर एसओजी ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू की थी। पीड़ितों का कहना है कि चार साल में रुपए दुगुने करने का लालच दिया गया था।

उनका कहना था कि कम्पनी ने 14 प्रतिशत ब्याज दर का भी झांसा दिया था। कम्पनी सेबी से रजिस्टर्ड बताई जा रही है। एसओजी की टीम ने उत्तरप्रदेश, राजस्थान व पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य राज्यों में छापामारी कर ठग गैंग में शामिल लोगों को हिरासत में ले लिया। राजस्थान के ​कई जिलों में मुकदमे दर्ज हुए। तब पीएचक्यू ने मामले की अनुसंधान एसओजी को सौंपा था। 
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