बीमा की मैच्योरिटी दोगुनी—तिगुनी होने का झांसा देकर आॅनलाइन निवेश कराकर ठगी करने वाले गिरोह के पर्दाफाश के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। नोएड़ा से एक युवती समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर आज क्राइम ब्रांच की टीम जयपुर पहुंची।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में डीसीपी क्राइम डॉ. विकास पाठक के निर्देशन में यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच और नाहरगढ़ थाने की टीम ने कल नोएडा में स्थित एक कॉल सेंटर पर की थी। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार के मुताबिक नोएडा में कॉल सेंटर से गिरोह ने पिछले करीब एक साल देशभर के 23 राज्यों में 4700 से ज्यादा लोगों को फोन पर बीमा में निवेश का झांसा दिया।
आरोपियों ने फोन कॉल्स के जरिए भोले भाले लोगों को झांसा दिया कि अगर वे प्रीमियम की राशि ज्यादा दे देंगे तो मेच्योरिटी राशि कई गुना जारी कर देंगे। सैंकड़ों लोग उनके झांसे में आ गए। राजस्थान में इन लोगों ने लगभग 249 फोन कॉल किए।
रिश्तेदार के बैंक खातों में जमा करवाई गई ठगी की रकम
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डीसीपी विकास पाठक के मुताबिक ऐसा ही एक प्रकरण जयपुर के नाहरगढ़ थाने में पिछले दिनों दर्ज हुआ था। ठगी की वारदात उनियारों का रास्ता, चांदपोल बाजार निवासी नेमीचंद सैन से हुई थी। इसी मुकदमे की जांच करते हुए नाहरगढ़ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने नोएडा में स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर नौ जनों को गिरफ्तार किया।
नाहरगढ़ थाना प्रभारी भंवरलाल ने बताया कि नोएडा के सेक्टर दो में संचालित फर्जी कॉल सेन्टर में दो सौ से ज्यादा लोग काम करते है। इस गिरोह के सरगना बिहार निवासी गौरव और नेहा हैं। इन दोनों का अपनी पत्नी और पति से विवाद चल रहा है। पिछले करीब दो साल से यह कॉल सेंटर नोएडा में चल रहा था। ठगी के शिकार पीड़ितों से वसूली गई रकम को यह गिरोह अपने रिश्तेदार व परिचितों के बैंक खातों में जमा करवाते थे।