अलवर में आज राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तस्करी और वाणिज्यिक यौन शौषण के लिए विधिक सेवाऐं नालसा योजना 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस योजना के तहत यदि वेश्यावृत्ति करने वाली महिलाएं विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ती है तो उनके प्रोत्साहन के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक लाख रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही उन महिलाओं और उनके परिवारों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं के तहत रोजगार भी दिया जाएगा।
कार्यशाला के दौरान श्रम न्यायाधीश राजेन्द्र चौधरी, कार्यवाहक जिला न्यायधीश देवेन्द्र नागर और विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव दिनेश जलुथरिया समेत जिला के विभिन्न जिलाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले में यौन कार्य करने वाली महिलाओं के हकों को लेकर जानकारी दी गई और मुख्य धारा में आने के लिए प्रेरित करने के लिए निर्देश दिये गये।