राजस्थान में 21 विभिन्न श्रेणी के विशेष योग्यजनों का डेटाबेस तैयार होगा। इसके लिए तीन चरणों में अभियान चलेगा। ये अभियान एक जून से शुरु हो गया है।
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री डॉ.अरूण चतुर्वेदी ने सोमवार को इस अभियान की समीक्षा की। उन्होंने वीड़ियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला कलक्टरों से फीडबैक लिया। पं. दीनदयाल विशेष योग्यजन शिविर, 2017 के संबंध में चतुर्वेदी ने बताया कि प्रथम चरण में विशेष योग्यजनों के चिन्हीकरण के साथ पंजीकरण अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ स्वयंसेवी संस्थाओं, पंच, सरपंच, वार्ड पार्षद सहित सभी जनप्रतिनिधियों से आपसी समन्वय स्थापित किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव ओ.पी. मीना ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए की पं. दीनदयाल विशेष योग्यजन अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। प्रथम चरण बहुत चुनौती पूर्ण है क्योंकि इसमें सभी विशेष योग्यजनों का ई मित्र केन्द्र एवं अटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से निःशुल्क पंजीकरण करना है। दूसरे एवं तीसरे चरण के अभियान में विशेष योग्यजनों के निःशक्तता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए विधानसभावार शिविर आयोजित किये जाएंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक डॉ. समित शर्मा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य विशेष योग्यजनों का चिन्हीकरण कर पंजीयन करने के बाद संचालित विभिन्न योजनाओं में लाभ पहुंचाना है। प्रदेश में 40 हजार ई मित्र केन्द्र एवं 10 हजार अटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से 21 प्रकार के विशेष योग्यजनों का निःशुल्क पंजीकरण किया जाना है।