एक महिला डॉक्टर का तबादला करने और उससे कथित बदसलूकी करने से खफा एडिशनल सीएमएचओ फर्जी सांसद बन गया। तैश में आकर इसने स्वास्थ्य विभाग में तैनात एक आरएएस अफसर को ही धमका डाला।
मामले ने तूल पकड़ा तो अफसर की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पड़ताल शुरु की। पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी डाॅ. मनीष चौधरी निवासी इन्दिरा नगर हीरादास थाना अटलबन्द जिला भरतपुर है। डॉ.चौधरी भरतपुर में एडीशनल सीएमएचओ है। भरतपुर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल का संचालन भी करवा रहे है।
इस तरह, बढ़ता गया विवाद
गिरफ्तार
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उन्होंने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवायें, स्वास्थ्य निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक गिरीश पाराशर ने 27 नवंबर को अशोक नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था।
जिसमें बताया कि वह 23 नवंबर को दोपहर करीब डेढ़ बजे अपने आफिस में ड्यूटी पर थे। तभी चिकित्सक संघ की संयुक्त सचिव डॉ. आशालता उनके आॅफिस आई थी। इस दौरान आरएएस अधिकारी पाराशर और डॉ. आशालता के बीच कहासुनी हो गई।
पराशर का कहना है कि क्लर्क से आशालता की फाइल मंगवाकर उन्होंने समझाइश का प्रयास किया। रिपोर्ट के मुताबिक इसके बाद दोपहर करीब सवा 3 बजे डॉ.आशालता 15-20 लोगों के साथ वापस आॅफिस में आई। इस दौरान फिर कहासुनी हुई और वे चली गई।
फोन करने वाले ने खुद को बताया MP और फिर..
threat call
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उसी दिन शाम करीब 4 बजे डॉ. पाराशर के मोबाईल पर एक अनजान मोबाइल नंबर से फोन आया और सामने वाले ने गाली-गलौच की। सामने वाले खुद को सांसद बताते हुए धमकियां दी।
मामला दर्ज होने के बाद थानाप्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने जांच की तो सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों से सिम लेने की बात सामने आई। तब अशोक नगर थानाप्रभारी, सोढाला थानाधिकारी सुनील प्रसाद, हैडकांस्टेबल रामचन्द्र, कांस्टेबल झाबरमल, स्पेशल ब्रांच के हैडकांस्टेबल रामवीर, विक्रम तथा क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम गठित भरतपुर भेजी गई। इसके बाद मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल फोन व सिम जब्त कर पूछताछ की जा रही है।