फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत की गौशाला, अव्यवस्थाओं ने फिर ली 30 गायों की जान

Thu, 31 Aug 2017 03:21 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
कोटा की बंधा गौशाला - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
कोटा नगर निगम की बंधा गौशाला एक बार फिर विवादो में है। आज गौशाला में जब कांग्रेसी पार्षद और नेता प्रतिपक्ष पहुंचे तो वहां अव्यवस्थाओं का अंबार मिला और करीब 30 गाय मृत मिली। साथ ही अव्यवस्थाओं की मार झेल रही दर्जनों गाय मरणासन्न हालत में मिली।
विज्ञापन


नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका ने आरोप जड़ा है कि पिछले एक माह में गौशाला में अव्यवस्था के कारण 750 गायों की मौत हुई और निगम प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। निगम की इस गौशाला में 30 गायों की मौत की सूचना लगने के बाद नेता प्रतिपक्ष अनिल सुवालका की अगुवाई में आधा दर्जन कांग्रेसी पार्षद गौशाला का दौरा करने पहुंचे। यहां के हालात देखकर निगम के दावों की पोल खुल गई। गौशाला में गंदगी के आलम के बीच अलग-अलग बाडों में 30 मृत गौवंश पड़े हुए थे। साथ ही, डेढ दर्जन से अधिक गायें जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी।
विज्ञापन

हालात देखकर रोंगटे खड़े हो जाएं

कोटा की बंधा गौशाला - फोटो : amar ujala
जब यहां गायों की हालात देखी तो पार्षदों के रोंगटे खड़े हो गए। इनमें से एक गाय के शव में कीडे पड़े हुए थे तो दूसरी गाय के शव को जानवरों ने नोंच रखा था। एक मृत जर्सी गाय पिछले कई दिनों से पड़ी हुई थी जिसको मुर्दा मवेशी ठेकेदार के कर्मचारियों ने उठाया। गौशाला की हकीकत यह है कि यहां ना तो इंचार्ज समय पर पहुंचे और ना ही चिकित्सक। ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों ने तीन माह से वेतन नहीं मिलने की शिकायत भी की।

गौशाला का दौरा करने के बाद कांग्रेसी पार्षदो ने श्रमदान भी किया और इस मामले को लेकर कल महापौर महेश विजय का घेराव करने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी है कि गायों के नाम पर वोट लेने वाली भाजपा सरकार और निगम का बोर्ड गौशाला में व्यवस्था सुधार करे, नहीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें