राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे ने सभी कलेक्टर और एसपी को कहा है कि वे संसाधनों की कमी का बहाना छोड़ें और काम में स्पीड़ लाएं। उन्होंने कहा कि इस बात पर ध्यान देना होगा कि सीमित संसाधनों से बेहतर रिजल्ट कैसे हासिल हो।
वसुंधरा राजे बुधवार को यहां सीएमओ के कन्वेंशन हॉल में कलेक्टर-एसपी कान्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि काम की स्पीड को और तेज करते हुए बाकी रहे वादों और घोषणाओं को भी निश्चित समय सीमा में पूरा करना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही सुशासन का सर्वश्रेष्ठ पैरामीटर होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को एक अच्छा वक्ता होने के साथ-साथ अच्छा श्रोता भी होना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या सहजता से बता सकें।
उन्होंने कहा कि रोजमर्रा के कार्यों के लिए सरकार और आमजन के बीच आपसी संवाद को और आसान कैसे बनाया जाए, इसके लिए जिला प्रशासन को अधिक तत्परता एवं सजगता से काम करना होगा।
प्रतिभाशाली अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करें
राजे ने कहा कि जिला कलक्टर प्रतिभाशाली अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान करें और संवेदनशील एवं प्रभावी सुशासन देने के लिए उनकी प्रतिभा का समुचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिला कलक्टर नवाचारों और अभिनव प्रयासों के बारे में जानकारी मुख्य सचिव को दें, ताकि उन्हें प्रदेश के दूसरे जिलों में भी लागू किया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर केन्द्र सरकार को भी सुझाव के तौर पर भेजा जा सके।
टॉप 5 में चित्तौडगड़, हनुमानगढ, पाली, अजमेर एवं भीलवाड़ा
राजे ने कहा कि नवम्बर 2016 में आयोजित कलक्टर-एसपी कान्फ्रेन्स में कुछ पैरामीटर्स तय किए गये थे, जिन पर खरे उतरने और केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर चित्तौड़गढ, हनुमानगढ, पाली, अजमेर एवं भीलवाडा जिलों को टॉप 5 में रखा गया है।