एक ही बारिश में जलमग्न हुआ बीकानेर शहर
बीकानेर में मानसून आने से ठीक पहले हुई झमाझम बारिश से पूरे शहर का जन जीवन ठप्प सा पड़ गया। बीकानेर के खाजूवाला, कोलायत, देशनोक, छतरगढ़, सत्तासर में तेज बारिश हुई, तो वहीं कई जगहों पर मिट्टी धंसने से रेल की पटरियां झूल गईं और सड़कें बह गईं।
फिलहाल बीकानेर संभाग में रेल यातायात को बारिश रूकने तक पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। बीकानेर में बारिश के कारण सड़कें पानी से लबालब भर गई और मिट्टी में कटाव आने के कारण किसी किसी जगह पर सड़क धंस गई, जिससे यातायात ठहर सा गया।
वहीं दूसरी ओर नीचे के इलाकों में स्थित मकानों में बारिश का पानी भर गया। पहली बारिश में बने ऐसे हालातों से प्रशासन की मानसून को लेकर की गई तैयारियों की भी पोल खुल गई। बीकानेर के अलावा प्रदेश के कई शहरों में बारिश और बूंदाबादी हुई।
प्रदेश के जोधपुर, बाड़मेर, जयपुर, टोंक, सवाईमाधोपुर में सुबह-सुबह बारिश होने से मौसम खुशगवार हो गया तो वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मानसून ये पहले इतनी बारिश हो गई है जो कि किसानों के लिए भी फायदेमंद है। बारिश के कारण पारे में भी खासी गिरावट दर्ज की गई और हवा में हल्की सी ठंडक और बढ़ गई।
गौरतलब है कि मौसम विभाग ने प्रदेश में जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून के आने की संभावना जताई है।