प्रदेश के तीसरे टाइगर रिजर्व एरिया बनाने की कवायद भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन यहां रेलवे ट्रैक वन्यजीवों के लिए खतरा बना हुआ है।
मामला कोटा में बनाए जा रहे मुकुंदरा टाइगर रिजर्व एरिया से जुड़ा है। यहां रिजर्व एरिया से गुजर रही दिल्ली-मुंबई रेललाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से भालू की मौत हो गई। घटना दर्रा घाटी में देर रात की है, यहां रेलवे ट्रैक के पास भालू का शव पड़ हुआ मिला। सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और भालू के शव को जीप में रखकर वन चौकी पर लाए।
जानकारी के अनुसार, आज सुबह कोटा से चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और भालू के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद अंतिम संस्कार करवाया गया। ट्रेन की टक्कर लगने के कारण भालू के शरीर पर कई जगह गहरी चोट के निशान थे, जो उसकी मौत का कारण बनी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद इसके असली कारणों का पता चल सकेगा, लेकिन इस घटना ने रिजर्व एरिया में टाइगर लाने के प्रयासों को लेकर सवालिया निशान लगा दिया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2003 में भी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन से कटने के कारण ब्रोकन टेल बाघ की मौत हो गई थी। इसके अलावा यहां रेलमार्ग पर तेज रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेनों के कारण सांभर, हिरण के साथ अन्य वन्यजीवों की मौत और घायल होने की घटनाएं अकसर होती रहती है। इसके बावजूद अभी तक इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया।