भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जैव ईंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को पांच लाख रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम सुरेंद्र सिंह राठौर है। उसके साथ एक संविदा कर्मी देवेश शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को एसीबी ने एक ठेका कर्मचारी से पांच लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। हैरानी की बात यह है कि उसके घर, फार्महाउस और अपार्टमेंट की तलाशी में अब तक चार करोड़ रुपये बरामद किए जा चुके हैं।
एसीबी के डीजीपी बीएल सोनी ने कहा कि आरोपी सुरेंद्र सिंह राठौर ने शिकायतकर्ता से उसका कारोबार निर्बाध रूप से चलाने और लाइसेंस के नवीनीकरण के बदले 20 लाख रुपये की मांग की थी।
उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम ने गुरुवार देर शाम राठौर और ठेका कर्मी देवेश शर्मा को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद जयपुर स्थित आरोपी के घर, फार्म हाउस और अपार्टमेंट समेत चार अलग-अलग जगहों पर छापामारा गया। तलाशी के दौरान घर से चार करोड़ रुपए, महंगी विदेशी शराब सहित अन्य कीमती सामान मिला है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
नोट गिनने के लिए लगानी पड़ी मशीनें
जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम को आरोपी के घर से मिले रुपयों को गिनने के लिए मशीनें लानी पड़ी। बताया जा रहा है 10 मशीनों से चार करोड़ रुपए गिने गए। आरोपी के ठिकानों से पुलिस को शराब की महंगी बोतलें भी मिली हैं। आबकारी एक्ट के तहत भी आरोपी सुरेंद्र सिंह राठौर के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा।
करोड़ों के प्लॉट और महंगी गाड़ियों का मालिक
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम को आरोपी के घर से कई मकानों के दस्तावेज भी मिले हैं। टीम उनकी जांच कर रही है। अब उसके पास करोड़ों की कीमत के दो प्लॉट और थार, जगुआर और फॉर्चूनर जैसी महंगी गाड़ियां भी मिली हैं। बताया जा रहा है कि अभी भी आरोपी राठौर के ठिकानों पर जांच चल रही है।