जानकारी देते एंबुलेंस सेवा के अधिकारी
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शरारती तत्वों के हौंसले दिनों-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। अब जीवन बचाने वाली एंबुलेंस को भी असामाजिक तत्वों का शिकार होना पड़ रहा है। एंबुलेंस से भी मजाक कर परेशान किया जा रहा है।
मामला राजस्थान में सड़कों पर दौड़कर जिंदगी बचाने वाली जीवन वाहिनी सेवा से जुड़ा है। इस सेवा के साथ मजाक करने वालों का आंकड़ा दिनों-दिन बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक एक महिने में 108 एम्बुलेंस को बुलाने के लिए करीब 2 लाख 80 हजार फोन कॉल्स फर्जी आ रहे हैं। एकीकृत एंबुलेंस योजना के तहत जीवन वाहिनी एंबुलेंस सेवा ने प्रदेश में अपना 1 साल पूरा कर लिया है।
इस मौके पर कंपनी के ऑपरेशन हैड धनंजय कुमार ने बताया कि एंबुलेंस सेवा के बेहतर संचालन के लिए हमने सिस्टम में कई तरह के बदलाव किए हैं, साथ ही अगले एक-दो दिन में सरकार से 100 नई एंबुलेंस भी मिलने वाली है। सरकार का प्रयास है कि इस आपातकालीन सेवा को और मजबूत कर ज्यादा लोगों को हम सेवा दे पाऐं।
वहीं पूरे राज्य में फर्जी कॉल्स की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि हमारे पास अभी 65 प्रतिशत फर्जी कॉल आ रहे हैं। हर महिने करीब 4 लाख में से दो लाख 80 हजार कॉल फर्जी होते हैं। कर्मचारियों के अनुसार किसी की जिंदगी को बचाने के लिए चंद सैकंड भी उनके लिए महत्वपूर्ण होते हैं, ऐसे में यह फर्जी कॉल्स किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकते हैं।