रिश्वत के एक मामले में अदालत में बयान से पलटने वाले शिकायतकर्ता पर अदालत ने कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
जयपुर में एसीबी मामलों की विशेष अदालत ने एफआईआर लिखने की एवज में रिश्वत लेने के मामले में पुलिसकर्मी मोटाराम जाट को बरी कर दिया है। अदालत ने अपने बयान से पलटने वाले परिवादी बद्रीप्रसाद वर्मा के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार अप्रैल 2002 में बद्रीप्रसाद ने एसीबी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खेत के बाड़े से जुड़े विवाद को लेकर वह नीम का थाना पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गया था। यहां एएसआई मोटाराम ने उससे चार हजार रुपए रिश्वत मांगे।
रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने मोटाराम को एक हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वहीं अदालत में सुनवाई के दौरान बद्रीलाल ने कहा कि मोटाराम ने उससे रिश्वत नहीं मांगी थी। मोटाराम को सोता देखकर उसने उसकी पेंट की जेब में एक हजार रुपए रख दिए थे। इस पर अदालत ने मोटराम को बरी कर दिया और परिवादी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।