इंडोनेशिया में एक 44 वर्षीय चीनी महिला को मस्जिद के लाउडस्पीकर के खिलाफ शिकायत करना भारी पड़ गया। उसने शिकायत तो की थी लाउडस्पीकर के शोर को लेकर लेकिन उसे सजा मिल गई ईशनिंदा के तहत। उसे मंगलवार को कोर्ट ने 18 महीने की सजा सुनाई है।
भीड़ ने बौद्ध मंदिर को कर दिया था आग के हवाले
अभियोजक के मुताबिक मिलियाना को कोर्ट ने देश के कानून का उल्लंघन करने के तहत सजा सुनाई है। उसने साल 2016 में लाउडस्पीकर की आवाज के खिलाफ शिकायत की थी लेकिन उसके बाद सुमात्रा के बंदरगाह शहर तानजुंग बलाई में भीड़ ने 14 बौद्ध मंदिरों में आग लगा दी।
महिला के वकील का कहना है कि उसकी सजा के खिलाफ याचिका दाखिल की जाएगी। वहीं इस्लामिक कम्युनिटी फोरम का कहना है कि उसे दी गई सजा काफी कम है। कम से कम 2 साल की कैद तो होनी चाहिए थी।
इस्लाम के अपमान को ईशनिंदा माना जा रहा है
बता दें इस देश के संविधान में वैसे धर्म और अभिव्यक्ति की पूरी आजादी है। लेकिन हाल ही में यहां से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें इस्लाम की निंदा करने के दोषियों पर ईशनिंदा के तहत केस किए जा रहे हैं। बीते साल ही अल्पसंख्यक ईसाई और जकार्ता के चीनी गवर्नर को भी ईशनिंदा का दोषी पाया गया और दो साल की सजा सुनाई गई।