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Year Ender 2021: कोरोना ने मचाया हाहाकार, वैक्सीन व ओलंपिक ने भरा जोश तो सीडीएस के निधन ने झकझोरा, जानिए साल की बड़ी घटनाएं

Sat, 01 Jan 2022 01:04 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आखिर वर्ष 2021 की विदाई बेला आ ही गई। कई मायनों में यह साल कुछ खास नहीं रहा, लेकिन कुछ ऐसे भी पल आए जिससे देश का नाम दुनिया में ऊंचा हुआ। अलविदा हो रहे वर्ष का आधे से ज्यादा वक्त महामारी के काले साये और आधा करोड़ से ज्यादा लोगों की मौतों तथा घरों से श्मशानों तक पसरे मातम के बीच बीता। पढ़िए वर्ष 2021 की कुछ प्रमुख घटनाओं का विवरण...
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US capitol violence - फोटो : PTI
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विस्तार
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आखिर वर्ष 2021 की विदाई बेला आ ही गई। कई मायनों में यह साल कुछ खास नहीं रहा, लेकिन कुछ ऐसे भी पल आए जिससे देश का नाम दुनिया ऊंचा हुआ। अलविदा हो रहे वर्ष का आधे से ज्यादा वक्त महामारी के काले साये और आधा करोड़ से ज्यादा लोगों की मौतों तथा घरों से श्मशानों तक पसरे मातम के बीच बीता। जनवरी-2021 में दुनिया ने महाशक्ति देश अमेरिका की संसद में हिंसा और डोनाल्ड ट्रंप की अप्रिय विदाई को देखा तो अफगानिस्तान में तालिबान फिर सत्ता पर काबिज हुआ। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने सोना जीतकर उम्मीदों को परवान चढ़ाया। हेलिकॉप्टर हादसे में देश ने पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत को खोया तो कृषि कानूनों की वापसी के एलान से लंबे किसान आंदोलन का अंत हुआ। पढ़िए वर्ष 2021 की कुछ प्रमुख घटनाओं का विवरण...

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वॉशिंगटन की कैपिटल बिल्डिंग में घुसे ट्रंप समर्थक

डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 नवंबर को हुए अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में अपनी हार और जो बाइडन की जीत स्वीकार नहीं की। उन्होंने चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाए। इसके बाद ट्रंप समर्थक हिंसा पर उतारू हो गए और छह जनवरी 2021 को वॉशिंगटन स्थित कैपिटल बिल्डिंग पर धावा बोल दिया। यह हमला उस समय किया गया था। जब अमेरिकी संसद में जो बाइडन की राष्ट्रपति चुनाव में जीत को सत्यापित किया जा रहा था। हिंसा में कैपिटल पुलिस अधिकारी सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इकलौते ऐसे राष्ट्रपति हुए हैं, जिन्हें दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा। 

 

कोरोना महामारी: दो सालों से इंसान पर मंडरा रहा खतरा

Corona virus deaths - फोटो : amar ujala
चीन के वुहान से शहर से दिसंबर 2019 के बाद पूरी दुनिया में फैली कोरोना महामारी ने समूचे विश्व को कभी नहीं भूल पाने वाले जख्म दिए हैं। पिछले दो सालों से विश्व भर में कोविड-19 वायरस और इसके नित्य बदलते स्वरूप मानवता के लिए खतरा बने हुए हैं। भारत ने 2020 में लॉकडाउन के जरिए इस पर काबू पाने का प्रयास किया था, इसमें काफी हद तक देश सफल रहा। इसके बाद 2021 में दूसरी लहर में कोरोना के डेल्टा वैरिएंट ने देश में भयावह संकट पैदा कर दिया। मार्च-अप्रैल 2021 में तो इस महामारी ने मौत का तांडव मचा दिया। रोजाना चार लाख से ज्यादा लोग संक्रमित होने लगे तो हजारों मौतों से घरों से श्मशानों तक मातम पसर गया। मौजूदा पीढ़ी ने अपने जीवनकाल में पहली बार श्मशानों में कतारों जैसा अविस्मरणी क्रूर दृश्य देखा। यह महामारी अब भी अपने नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के जरिए डरा रही है। शुक्र है कि अब तक यह वैरिएंट काबू में है। हालांकि भारत ने तीन-तीन कोरोना वैक्सीन ईजाद कर देश व समूची मानवता के कल्याण का जबर्दस्त काम किया है। देश में 141 करोड़ टीके लगाकर कीर्तिमान रचा गया है। उम्मीद है 2022 में कोरोना का ऐसा स्वरूप आए जो इसे ही खाकर समूची दुनिया को इसकी तबाही से मुक्ति दिलाए। 

अफगानिस्तान: पहली बार दुनिया ने विमान पर लटके लोग और गिरने से मौत देखी

- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बीत रहे साल में पड़ोसी देश अफगानिस्तान में एक बार फिर तालिबान सत्ता पर काबिज हो गया। करीब 20 साल बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान में आतंक के खिलाफ जारी अपनी जंग अगस्त 2021 में  बंद कर दी। इसके साथ ही वहां फिर इस्लामी सरकार बनी, जिसके खौफ से लाखों लोगों ने देश छोड़ना शुरू कर दिया। दुनिया उस तस्वीर को हमेशा याद रखेगी जब एक अमेरिकी विमान में सवार होने की कोशिश में अफगानी लोग उड़ते विमान पर लटक गए थे और गिरने के कारण उनकी मौत हो गई थी। अफगानिस्तान पर तालिबान के फिर कब्जे ने पूरी दुनिया को उसके उसी बर्बर रूप की याद ताजा करा दी, जिसके चलते दुनिया के दुर्दांत आतंकी ओसामा बिन लादेन ने 2001 में अमेरिका के ट्वीन टावर पर भयावह हमला किया था। इसके बाद ही अमेरिका ने अफगानिस्तान की टोरा बोरा की पहाड़ियों में बैठे आतंकियों का सफाया किया था और पाकिस्तान में छिपे ओसामा को मांद में घुसकर मारा और शव भी महासागर में फेंक दिया था।  

कृषि कानून: किसान अड़े रहे तो पीएम मोदी ने मांगी माफी और खत्म हुआ सबसे लंबा आंदोलन

किसानों में खुशी का माहौल - फोटो : अमर उजाला/एएनआई
अलविदा-2021 देश में सबसे लंबे किसान आंदोलन के लिए भी याद किया जाएगा। केंद्र सरकार ने कृषि सुधारों के इरादे से तीन कानूनों को संसद की मंजूरी दिलाई। इनके कुछ प्रावधानों पर यूपी, पंजाब व हरियाणा के किसानों ने इन कानूनों की वापसी को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन का शंखनाद किया। यह सवा साल से ज्यादा समय तक चला। हालांकि इसी दौरान बीते वर्ष जनवरी में दिल्ली में इसका हिंसक व भयावह रूप भी दिखा और लाल किले पर शर्मनाक नजारा दिखा। सरकार ने संयम से काम लिया और बड़े खून खराबे को टाल दिया। किसान आंदोलन पर डटे रहे और अनेक दौर की वार्ताओं के बाद भी वे सरकार के आगे नहीं झुके। आखिरकार सरकार झुकी और पीएम नरेंद्र मोदी ने कानून वापस लेने का एलान कर किसानों को अपनी बात नहीं समझ पाने के लिए माफी भी मांगी। इसके बाद ही आंदोलन का इसी माह सुखद पटाक्षेप हुआ। हालांकि आंदोलन के दौरान 700 किसानों की मौत हो गई। 

बंगाल में खूब चला 'खेला होबे', फिर भारी पड़ी दीदी

Mamta and Shubhendu - फोटो : अमर उजाला
अप्रैल-मई 2021 में बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु व पुडुचेरी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव हुए। सबसे अहम बंगाल विधानसभा चुनाव थे। यहां ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने 'खेला होबे' का नारा देकर भाजपा, कांगेस व वामदलों के खिलाफ जमकर किला लड़ाया। भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंकी, लेकिन उसे मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरकर ही संतोष करना पड़ा। कांग्रेस व वामदल और सिमट गए। ममता दीदी ज्योति बसु के बाद लगातार तीसरी बार बंगाल की सीएम बनीं। दीदी की नजर अब लोकसभा चुनाव 2024 में पीएम की कुर्सी पर है। 

टोक्यो ओलंपिक: भारतीय टीम ने किया इतिहास का सबसे शानदार प्रदर्शन

टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन - फोटो : Amar Ujala
कोरोना महामारी के साये में जुलाई-अगस्त 2021 में टोक्यो में हुए ओलंपिक- 2020 में भारतीय टीम ने ओलंपिक इतिहास का सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। भारत ने टोक्यो में कुल सात पदक अपने नाम किए। भारत वर्ष 1900 से ओलंपिक में हिस्सा ले रहा है। इसके बाद से यह पहला मौका था जब टीम ने एक ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक जीते। इससे पहले भारत ने 2012 के लंदन ओलंपिक में छह पदक जीते थे।भारत की ओर कुश्ती में पहलवान रवि कुमार दहिया ने रजत और बजरंग पूनिया ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने 8 साल बाद कुश्ती में दो पदक जीते हैं। इससे पहले 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार ने रजत और योगेश्वर दत्त ने कांस्य पदक जीता थाा। इस बार भारत की पुरुष हॉकी टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इस तरह भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक हॉकी में पदक जीता। इससे पहले भारत ने 1980 में स्वर्ण पदक जीता था। टोक्यो ओलंपिक के भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण जीतकर 13 साल बाद भारत को सोना दिलाया। उनसे पहले 2008 में अभिनव बिंद्रा ने शूटिंग में स्वर्ण पदक जीता था।
वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और पहलवान रवि दहिया ने देश के खाते में सिल्वर मेडल जोड़े। बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने-अपने खेलों में कांस्य पदक जीतकर भारत के पदकों की संख्या बढ़ा दी। सात पदक जीतकर भारत पदक तालिक में 48वें स्थान पर रहा। अगला ओलंपिक 2024 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में होगा।

हेलिकॉप्टर हादसा: जनरल रावत समेत 13 सैन्य अफसरों के निधन ने दिया सदमा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी। - फोटो : अमर उजाला
विदा हो रहे वर्ष 2021 में देश को एक बहुत बड़ी क्षति 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में हुई। देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ CDS जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत 13 लोगों की जान चली गई। हादसे में एकमात्र जीवित बचे, लेकिन गंभीर रूप से घायल मिले ग्रुप कैप्टनवरुण सिंह ने भी करीब आठ दिन तक मौत से संघर्ष के बाद दम तोड़ दिया। जनरल रावत व 12 अन्य सैन्य अधिकारियों के अकस्मात निधन की खबर देश के लिए बड़े आघात जैसी थी। जनरल रावत न केवल सेना के बल्कि देश की जनता के बीच भी काफी लोकप्रिय थे। वे अपनी बेलाग जुबान व भारत की रक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करने वाले वीर सेनानी के रूप में हमेशा याद किए जाते रहेंगे। 

लखीमपुर खीरी कांड: चार किसानों को कार से रौंद दिया गया

लखीमपुर खीरी कांड - फोटो : Self
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में इसी साल तीन अक्तूबर को हृदय विदारक घटना हुई। कृषि कानूनों का विरोध कर रहे चार किसानों को कार से रौंद कर मौत की नींद सुला दिया गया। किसान नेताओं का आरोप है जिस कार से कुचला गया वह केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा मोनू की थी। मोनू को 9 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में एसआईटी जांच में पाया गया है कि यह घटना एक सोची समझी साजिश थी। आशीष मिश्रा समेत 14 आरोपियों पर अब गैर इरादतन हत्या की जगह हत्या का केस चलेगा। यह मामला संसद के शीत सत्र में बड़े बवाल का सबब बना। मामले में विपक्ष ने गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग को लेकर बवाल मचाया। 

शेयर बाजार: सेंसेक्स रिकॉर्ड तोड़कर पहली बार हुआ 60 हजारी तो महंगाई ने तोड़ी कमर

शेयर बाजार में भारी तेजी - फोटो : Courtesy: iStock
अलविदा हो रहे वर्ष 2021 में देश के शेयर बाजार ने रिकॉर्ड बनाए। निवेशकों के लिए यह साल बेहतर साबित हुआ है। उनकी संपत्ति में 72 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बाजार में सूचीबद्ध शेयरों का मूल्य 72 लाख करोड़ रुपये बढ़कर लगभग 260 लाख करोड़ रुपये हो गया। कोविड-19 महामारी से जुड़े जोखिमों के बीच भारतीय शेयर बाजार ने वर्ष 2021 में शानदार प्रतिफल देते हुए अपने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के सेंसेक्स ने इस साल पहली बार 50,000 अंक को पार कर इतिहास बनाया और अगले सात महीनों के भीतर 60,000 के स्तर को भी पार कर गया। सूचकांक 18 अक्तूबर को अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 61,765.59 पर बंद हुआ था। 

पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की कीमतों में आग झरती तेजी 
ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते खतरे के बीच सेंसेक्स वर्ष के अंत में थोड़ा लुढ़कर कर 57 हजार के आसपास आ गया है, फिर भी मौजूदा महंगाई के दौर में यह सर्वकालिक उच्च स्तर पर है। देश में बीत रहे वर्ष में अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर व्यापक सुधार आया है, लेकिन महंगाई ने आम आदमी पर बोझ बढ़ाया है। पेट्रोल डीजल व रसोई गैस की कीमतों में तो आग झरती तेजी आई है। 
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कानपुर में छापा: इत्र कारोबारी के ठिकाने से मिले 197 करोड़ नकद 

piyush jain raid - फोटो : अमर उजाला
अलविदा हो रहे वर्ष की 23 दिसंबर की तारीख एक बड़ी आर्थिक घटना के लिए याद की जाएगी। जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने कानपुर के इत्र व्यापारी पीयूष जैन के घर से नकद व जेवर मिलाकर 257 करोड़ रुपये का माल बरामद किया है। इसमें 197 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकद राशि मिलने से देशभर के लोग हैरान रह गए हैं। जैन के सियासी कनेक्शन भी मिले हैं। वहीं नोटबंदी के बाद इतनी बड़ी मात्रा में नकद राशि मिलने से कालेधन व नकद कारोबार पर नकेल के उपायों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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