देश के अलग-अलग हिस्सों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं साल-दर-साल बढ़ रहीं हैं। हालांकि, आग की घटनाएं गर्मी के मौसम में अधिक होती हैं, लेकिन इस साल सर्दियों में ऐसी घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। जंगलों की ये आग सूक्ष्मजीवों के लिए बड़ा खतरा है।
भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) के मुताबिक एक नवंबर 2023 से एक जनवरी 2024 के बीच उत्तराखंड में 1,006 आग लगने की घटनाएं हुई हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुनी है। पिछले साल इसी अवधि में आग की लगभग 556 घटनाएं हुईं थीं। एफएसआई के अनुसार पिछले दो महीनों में हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग लगने की सबसे अधिक 1,199 घटनाएं हुई। इसके बाद उत्तराखंड में 1,006, मध्य प्रदेश में 577, कर्नाटक में 434 और महाराष्ट्र 445 आग की घटनाएं हुईं।
सड़े पौधों को नष्ट करते हैं सूक्ष्मजीव
शोध में कहा गया है कि हम अपने पारिस्थितिकी तंत्र को तेजी से नुकसान पहुंचा रहे हैं। सूक्ष्मजीव विशेष रूप से सतही मिट्टी में मौजूद कार्बन और नाइट्रोजन चक्र जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं। बैक्टीरिया और कवक सड़े पौधों को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
अवैध शिकार बड़ी वजह
जंगल में अवैध शिकार के लिए वन्यजीवों को घेरने के लिए शिकारी आग लगा देते हैं। यही आग जंगल में बड़ी आग का कारण बनती है। वन्यजीव संरक्षणवादियों ने चिंता जाहिर करते हुए वनकर्मियों को जंगलों में गश्त बढ़ाने की सलाह दी है।