बुलंद इरादे: कोरोना काल में 54 फीसदी लोगों ने शुरू किया कारोबार, 12 फीसदी ने तो दूसरों को भी दिया रोजगार
सार
कोरोना ने जहां, एक तरफ पूरी दुनिया को परेशान कर दिया, वहीं नए मौके भी दिए। पब्लिक-प्राइवेट कॉरपोरेशन के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थान वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की रिपोर्ट कुछ यही बयां कर रही है। कोरोनाकाल के दौरान नौकरी छूटने या छोड़ने के बाद लोगों ने खुद का व्यवसाय शुरू करना ज्यादा पसंद किया। बड़ी संख्या में लोगों ने दूसरों को नौकरी भी दी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
कोरोनाकाल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां छूट गईं थीं।
- फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने ताजी रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, कोरोनाकाल के दौरान जिन लोगों की नौकरियां छूटी हैं या जिन्होंने छोड़ दी उन्होंने दोबारा नौकरी करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ऐसे लोगों ने खुद का व्यापार या व्यवसाय शुरू करना ही ठीक समझा है। इनमें 27% लोगों ने बड़े पैमाने पर नया व्यवसाय शुरू किया है। इनमें से 12% लोगों ने दूसरों के लिए जॉब भी क्रिएट की है। वहीं, 54% लोगों ने माइक्रो, स्मॉल, मीडियम एंटरप्राइजेज यानी छोटे व्यवसाय शुरू किए। इनमें 25% लोगों ने खुद के साथ दूसरों को भी नौकरी दी।
कोरोनाकाल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां छूट गईं थीं।
- फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने ताजी रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, कोरोनाकाल के दौरान जिन लोगों की नौकरियां छूटी हैं या जिन्होंने छोड़ दी उन्होंने दोबारा नौकरी करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। ऐसे लोगों ने खुद का व्यापार या व्यवसाय शुरू करना ही ठीक समझा है। इनमें 27% लोगों ने बड़े पैमाने पर नया व्यवसाय शुरू किया है। इनमें से 12% लोगों ने दूसरों के लिए जॉब भी क्रिएट की है। वहीं, 54% लोगों ने माइक्रो, स्मॉल, मीडियम एंटरप्राइजेज यानी छोटे व्यवसाय शुरू किए। इनमें 25% लोगों ने खुद के साथ दूसरों को भी नौकरी दी।
दूसरी नौकरी तलाशने वाले कितने रहे?
रिपोर्ट के अनुसार एमएसएमई सेक्टर में काम करने वाले 34% ऐसे लोग भी रहे जिन्होंने नौकरी छूटने के बाद दूसरी नौकरी तलाश ली या अभी तलाश रहे हैं। इसके अलावा सामान्य संस्थानों में काम करने वाले 25% लोगों ने दूसरी नौकरी की तलाश की।
रिटेल सेक्टर में सबसे ज्यादा व्यवसाय शुरू हुए
| सेक्टर |
कितने % लोगों ने व्यापार शुरू किया |
| ट्रेड रिटेल |
50 |
| टूरिज्म/ पर्यटन |
39 |
| टेक एंड टेलीकॉम |
29 |
| प्राइमरी |
29 |
| फाइनेंस एंड प्रोफेशनल सर्विसेज |
27 |
| लॉजिस्टिक |
27 |
| इंडस्ट्रियल |
26 |
| हेल्थ |
25 |
| एजुकेशन |
23 |
| सर्विस |
21 |
| अन्य |
34 |
सोर्स : वर्ल्ड इकोनॉमिक रिफॉर्म (WEO)
युवाओं ने बुजुर्गों को डिजिटल बनाया
कोरोनाकाल के दौरान 40% लोगों ने दूसरों से डिजिटल टूल के बारे में जानकारी ली। मतलब स्मार्ट फोन चलाना, मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करना, मैसेज भेजना, ऑनलाइन जानकारियां हासिल करना, सोशल मीडिया चलाने जैसी गतिविधियों के बारे में लोगों ने सीखा। इनमें ज्यादातर लोगों की उम्र 36 से 60 साल की थी, जबकि इन्हें सीखाने वालों की उम्र 16 से 35 साल के बीच थी।