प. बंगाल के मालदा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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जय श्रीराम...लव जिहाद और गोहत्या...जैसे शब्दों के साथ भाजपा के फायर ब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार (2 मार्च) को पश्चिम बंगाल के मालदा में हुंकार भरी तो राज्य में सियासी तपिश बढ़ गई। दरअसल, बंगाल की सियासी पिच पर योगी ने श्रीराम के जयकारे के साथ हिंदुत्व के मुद्दे को धार देने की कोशिश की। योगी जिस मालदा में गरजे, वह मुस्लिम बाहुल्य इलाका है।
इसके अंतर्गत कुल 12 विधानसभा सीटें आती हैं। कैसा है इन सीटों पर सियासी समीकरण और क्या मालदा में चलेगा योगी का जादू, जानते हैं इस रिपोर्ट में...
हिंदू मतों पर भाजपा की नजर
गौरतलब है कि मालदा बंगाल का मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। यह बांग्लादेश से सटा हुआ है और इस जिले में विधानसभा की 12 सीटें हैं, जिनमें50 फीसदी मतदाता मुस्लिम हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि योगी को मालदा में उतारकर भाजपा की नजर हिंदू मतदाताओं पर है। योगी की रैली मालदा के ब्रिगेड ग्राउंड में हुई, जिसमें 10 लाख लोगों को लाने का लक्ष्य रखा गया था। वैसे बंगाल में मशहूर है कि जिसका ब्रिगेड ग्राउंड, उसका बंगाल।
ऐसा है मालदा का चुनावी समीकरण
बता दें कि मालदा जिले की 12 विधानसभा सीटों पर दो (सातवें और आठवें) चरणों में चुनाव होंगे, जिसके लिए 26 और 29 अप्रैल की तारीख तय की गई है। अहम बात यह है कि साल 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान इस जिले में तृणमूल कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था, जबकि भाजपा ने बंगाल की कुल तीन सीटों में से दो पर जीत मालदा में ही हासिल की थी। वहीं, बाकी 10 सीटों में से आठ कांग्रेस और एक-एक सीट माकपा व निर्दलीय के खाते में गई थी। ऐसे में भाजपा की नजर इस जिले में अपनी सीटें बढ़ाने पर है तो तृणमूल कांग्रेस अपना खाता खोलने की कोशिश में है।
कांग्रेस के सामने यह चुनौती
जानकारी के मुताबिक, मालदा जिले में मालतीपुर, चंचल, मालदह (एससी), गजोले (एससी), सूजापुर, हबीबपुर, मानिकचक, हरिश्चंद्रपुर, इंगलिश बाजार, मोठाबाड़ी, रतुआ और वैष्णव नगर सीटें आती हैं। इस सभी सीटों पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। साल 2016 में पार्टी ने 12 में से आठ सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार हालात एकदम अलग हैं। पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है। आईएसएफ के अब्बास सिद्दीकी से गठबंधन के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा और बंगाल प्रमुख अधीर रंजन चौधरी आमने-सामने आ गए हैं। वहीं, राज्य के ताजा हालात में सीधा मुकाबला भाजपा बनाम तृणमूल कांग्रेस हो गया है। ऐसे में अगर मालदा के मतदाताओं का मूड बदला तो कांग्रेस को काफी दिक्कत हो सकती है।
294 सीटों पर होना है चुनाव
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा की 294 सीटों पर आठ चरण में मतदान होगा। पहले चरण की शुरुआत 27 मार्च से होगी। वहीं, आखिरी चरण के चुनाव 29 अप्रैल को होंगे। 2 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। बंगाल में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 148 सीटें हैं।
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