मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा-पिछले साल मेरी सेहत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सका और न ही पार्टी कार्यालय में आया।
विधानसभा चुनाव से पहले भगवा खेमे में शामिल हुए अभिनेता से नेता बने मिथुन चक्रवर्ती सोमवार को राज्य भाजपा कार्यालय पहुंचे, जो पिछले साल के विधानसभा चुनावों के बाद उनकी पहली यात्रा है और उन्होंने पार्टी के लिए काम करने का संकल्प लिया। बॉलीवुड के दिल की धड़कन मिथुन चक्रवर्ती विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले पिछले साल मार्च में ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक मेगा रैली में भाजपा में शामिल हुए थे।
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हालांकि उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन उन्होंने चुनाव प्रचार में सक्रिय भाग लिया और भाजपा उम्मीदवारों के लिए राज्य के कोने-कोने में प्रचार किया। हालांकि, चुनाव के बाद चक्रवर्ती सक्रिय राजनीति से हट गए थे। मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य भाजपा कार्यालय में संवाददाताओं से कहा-पिछले साल मेरी सेहत ठीक नहीं थी, इसलिए मैं राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं ले सका और न ही पार्टी कार्यालय में आया। पार्टी ने मुझे कुछ कार्य सौंपे हैं और मैं उन कर्तव्यों को पूरा करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से वंचितों के लिए काम करना चाहते थे और भाजपा उन्हें उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक मंच दिया है।
सत्ता परिवर्तन का अगला नंबर राजस्थान, झारखंड का
महाराष्ट्र में सत्ता परिवर्तन के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को संकेत दिए कि अगला नंबर विपक्ष शासित राजस्थान और झारखंड का हो सकता है। साथ ही उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि राज्य में अगली सरकार भाजपा की होगी और पार्टी 294 सदस्यीय विधानसभा में 200 से अधिक सीटें जीतेगी। पूर्वी बर्द्धमान जिले में कटवा में एक रैली में शुभेंदु ने कहा कि आप सभी ने देखा कि महाराष्ट्र में क्या हुआ। यह आखिरी नहीं होगा। इसी तरह की घटना झारखंड में भी होगी, हम जल्द ही सरकार बदलेंगे। राजस्थान में यही हाल होगा। हम अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेंगे।