महाराष्ट्र में आने वाले दिनों नया सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। दरअसल, शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बयानों से संकेत मिल रहा है कि दोनों दलों में जल्द गठबंधन हो सकता है। वहीं कांग्रेस ने इसे लेकर कहा है कि अगर ये गठबंधन महाराष्ट्र और लोकतंत्र के हित में होगा तो हम उसका स्वागत करेंगे।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि अगर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का गठबंधन राज्य के हित और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दूर रखने के मकसद से होता है, तो पार्टी इसका स्वागत करेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे — जो आपस में चचेरे भाई हैं — के बीच सुलह और साथ आने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हाल ही में दोनों नेताओं के बयान ऐसे रहे हैं जिससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वे साथ आ सकते हैं।
'भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए करेंगे स्वागत'
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा, 'अगर शिवसेना (यूबीटी) और मनसे, महाराष्ट्र के हितों की रक्षा और साम्प्रदायिक भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए एक साथ आते हैं, तो हम इसका स्वागत करेंगे।' बता दें कि, राज ठाकरे पहले भी कह चुके हैं कि 'मराठी मानुष' के हित में एक होना मुश्किल नहीं है, जबकि उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कहा था कि वह छोटे-मोटे विवाद भूलाने को तैयार हैं, बशर्ते कोई महाराष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ न हो।
विज्ञापन
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाया आरोप
अतुल लोंढे ने यह भी आरोप लगाया कि, 'जो लोग सत्ता में हैं और संवैधानिक पदों पर बैठे हैं, वे जातीय और सांप्रदायिक तनाव फैला रहे हैं। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, महात्मा फुले और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसी विभूतियों की विचारधारा को रोज कुचल रहे हैं। अगर शिवसेना और मनसे साथ आकर इस विचारधारा की रक्षा करें, तो कांग्रेस इसका स्वागत करेगी।'
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा कि अगर यह गठबंधन होता है, तो यह छत्रपति शिवाजी महाराज को एक सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिनका राज्याभिषेक इसी दिन यानी 6 जून 1674 को हुआ था।