फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधायक अयोग्यता मामला: नार्वेकर बोले- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अध्ययन करेंगे, कानूनी सलाह लेकर करेंगे कार्रवाई

Sat, 14 Oct 2023 07:49 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra: महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने कहा, 'मुझे उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति मिली है। आदेश की प्रति का अध्ययन करने और कानूनी सलाह लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।'
विज्ञापन
राहुल नार्वेकर - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी पर महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह आदेश की प्रति का अध्ययन करेंगे और कानूनी सलाह लेने के बाद उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे। 

विज्ञापन

नार्वेकर ने कहा, 'मुझे उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति मिली है। आदेश की प्रति का अध्ययन करने और कानूनी सलाह लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।' सर्वोच्च न्यायालय की ओर से अयोग्यता के मामले पर फैसले की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, अदालत ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है। उसके द्वारा केवल नोटिस संबंधी मुद्दे दिए गए हैं। इसमें समय सीमा के बारे में कहीं नहीं लिखा है।  

विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नार्वेकर ने कहा, 'मैं इस पर कोई ध्यान नहीं देता कि कोई क्या कहता है। मैं केवल अदालत द्वारा दिए गए कानूनी पहलुओं को देखता हूं। मीडिया में जो कुछ भी देखा जा रहा है, अदालत द्वारा ऐसा कुछ भी उल्लेख नहीं किया गया था। मैं उन चीजों के बारे में बात करना महत्वपूर्ण नहीं समझता हूं जिन पर अदालत ने कुछ भी उल्लेख नहीं किया है।'

उन्होंने कहा, 'इस तरह के आरोप कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए लगाए जाते हैं लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि इससे मुझ पर कोई असर नहीं पड़ेगा।' महाराष्ट्र विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा,'अदालत के आदेश का पालन करना मेरी जिम्मेदारी है। दूसरी तरफ राज्य विधानसभा के स्पीकर के रूप में विधानसभा और विधि मंडल की गरिमा और संप्रभुता का सम्मान करना भी मेरी जिम्मेदारी है।'

न्यायपालिका और विधायिका के बीच संतुलन बनाए रखने के बारे में उन्होंने कहा, 'न्यायपालिका और विधायिका दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जिम्मेदारी है। सभी संवैधानिक संस्थाओं को भी एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। मुझे भरोसा है कि हमारे पास एक जीवंत न्यायपालिका है और अच्छे न्यायिक उदाहरणों का पालन किया जाएगा।'
विज्ञापन

उच्चतम न्यायालय ने शिवसेना विधायक को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में सुनवाई टालने के लिए शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर को फटकार लगाई थी और उनसे अगले चुनाव से पहले फैसला करने को कहा था।पिछले साल, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसेना के विधायकों के एक समूह के साथ शिवसेना से अलग हो गए थे और उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हाथ मिला लिया था। इसके बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार को गिराकर सरकार बनाई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें