Indian railways: इंदौर से गाड़ी नंबर 12228 मुंबई सेंट्रल दुरंतो एक्सप्रेस प्रति शुक्रवार और रविवार को मुंबई सेंट्रल के लिए संचालित होती है। ये ट्रेन रात नौ बजे इंदौर स्टेशन से चलकर रात 10 बजे उज्जैन, 11.30 बजे रतलाम, सुबह 3 बजे वडोदरा होते हुए सुबह 8.20 मिनट पर मुंबई पहुंचती है।
भारतीय रेलवे राजधानी,दुरंतो समेत प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों को साफ-सफाई से लेकर अच्छा खाना मुहैया करवाने का दावा करता है। लेकिन हकीकत ट्रेन में सफर करने के बाद ही पता चलती है। ऐसा ही कुछ मामला इंदौर-मुंबई दुरंतो सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में देखने को मिला है। हाल ही में यात्रियों द्वारा खाना बुक करने के बाद भी उन्हें रात का भोजन नहीं दिया गया। भूख से परेशान यात्रियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सोशल मीडिया के जरिए इसकी गुहार लगाई तो रेलवे प्रशासन एक्शन में आया। इसके बाद उन्होंने देर रात यात्रियों को दाल चावल उपलब्ध करवाएं।
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क्या है मामला?
इंदौर से गाड़ी नंबर 12228 मुंबई सेंट्रल दुरंतो एक्सप्रेस प्रति शुक्रवार और रविवार को मुंबई सेंट्रल के लिए संचालित होती है। ये ट्रेन रात नौ बजे इंदौर स्टेशन से चलकर रात 10 बजे उज्जैन, 11.30 बजे रतलाम, सुबह 3 बजे वडोदरा होते हुए सुबह 8.20 मिनट पर मुंबई पहुंचती है। इस ट्रेन में यात्रियों को रात के खाना या सुबह के नाश्ते में कोई दिक्कत नहीं हो इसलिए पेंट्रीकार की सुविधा भी दी गई है। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि खाना बुक करने के बाद भी इस ट्रेन में रात का खाना नहीं दिया जाता है।
हाल ही में 22 सितंबर को भी ऐसा ही कुछ ऐसा ही घटनाक्रम देखने को मिला। ट्रेन में सफर करने वाले एक यात्री कौस्तुभ पाटनकर ने अमर उजाला को बताया कि, जो यात्री इस ट्रेन में इंदौर से सवार हुए उन्हें तो रेलवे ने रात का खाना दिया। लेकिन इंदौर से ही महज 55 किमी दूर उज्जैन स्टेशन से जो यात्री इस ट्रेन में सवार हुए उन्हें रात का भोजन नहीं दिया गया।
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यात्री कौस्तुभ पाटनकर (पीएनआर: 8323294797) का आरोप है कि, जिन यात्रियों ने इंदौर के बजाए उज्जैन से बोर्डिंग ली थी। साथ ही रात में खाना उपलब्ध करवाने की सेवा बुक थी। पैसा भी चुकाया था। उन्हें भी रेलवे ने खाना मुहैया करवाने से इंकार कर दिया। खाने उपलब्ध करवाने वाले कर्मचारियों का साफ कहना था कि जो लोग उज्जैन से सवार हुए उन्हें खाना नहीं देंगे। इसके बाद यात्रियों ने इसकी शिकायत पैंट्री कार इंचार्ज से की तो वह भी खाना देने से इंकार करने लगा।
रेलवे ने बताई वजह
इंचार्ज का साफ कहना था कि जो यात्री उज्जैन से सवार होते है उन्हें हम खाना नहीं देते है। इसके बाद करीब यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। परेशान यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए रेलवे मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को शिकायत की। करीब दो घंटे बाद रेलवे प्रशासन ने एक्शन लिया। रेलवे ने देर रात सैकड़ों यात्रियों को दाल चावल मुहैया करवाए। इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि, इस तरह की घटना अगर हुई तो ये बहुत गंभीर है। रेलवे यात्रियों से खाने के पैसे लेता है तो उन्हें सौ प्रतिशत खाना मुहैया करवाता है। ऐसा हो सकता है कि उस दिन पैंट्री कार में कोई दिक्कत हो जिसके चलते यात्रियों को थोड़ी परेशानी आई हो। लेकिन फिर भी यात्रियों को खाना मुहैया करवाया गया है।