मुंबई में उन दिनों करीम लाला, हाजी मस्तान और वरदाराजन अपना-अपना वर्चस्व स्थापित करने में लगे हुए थे। खून-खराबे और धंधे को हो रहे नुकसान को देखते हुए तीनों ने मिलकर काम और इलाकों का आपस में बंटवारा कर लिया। इससे तीनों अपने-अपने क्षेत्र में शांति से काम करने लगे।
जब दाऊद इब्राहिम को करीम लाला ने लात-घूसों से पीटा
कुछ समय बाद मुंबई पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल इब्राहिम कासकर के दो बेटे दाऊद इब्राहिम कासकर (दाऊद इब्राहिम) और शब्बीर इब्राहिम कासकर हाजी मस्तान की गैंग से जुड़ गए। दोनों ने करीम लाला के एरिया में तस्करी का धंधा शुरू कर दिया।
इससे नाराज होकर करीम लाल ने दाऊद को पकड़कर खूब पीटा था। यहां से भागकर दाऊद ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। लेकिन, बाद में फिर एक बार दाऊद ने करीम लाला के इलाके में धंधा शुरू किया। जिसके बाद दाऊद को कड़ा सबक सिखाने के लिए 1981 में पठान गैंग ने दाऊद के भाई शब्बीर की हत्या कर दी। इसके बाद दाऊद ने करीम लाला के भाई रहीम खान की 1986 में हत्या कर दी।
90 साल की उम्र में 19 फरवरी 2002 को मुंबई में करीम लाला की मौत हो गई।