पार्टी से जुड़े सूत्र बताते हैं कि भाजपा जिलेवार तो समीक्षा कर ही रही है, साथ ही, सांसद और विधायकों समेत मंत्रिमंडल के पूर्व और वर्तमान सदस्यों के इलाकों की भी समीक्षा की जाएगी। उनका कहना है कि यह जो भी तैयारियां की जा रही हैं वह 2024 के चुनाव के मद्देनजर की जा रही हैं। इसकी वजह बताते हुए राजनीतिक समीक्षक ओम प्रकाश मिश्रा कहते हैं दरअसल पार्टी का वोट प्रतिशत तो निश्चित तौर पर बढ़ा है लेकिन सीटें कम हुई हैं। खासतौर से सीटें उन जगहों पर कम हुई हैं, जहां पर भाजपा का अच्छा खासा प्रभाव माना जाता था। पार्टी ने उन प्रभावशाली क्षेत्रों के नुमाइंदों को अपनी कैबिनेट में जगह भी दी थी। बावजूद इसके लोगों में नाराजगी इस कदर हुई कि भाजपा की सीटें भी घटीं और उनके मंत्री भी चुनाव हार गए। ओपी मिश्रा कहते हैं कि भाजपा इसका खामियाजा 2024 में बिल्कुल नहीं भुगतना चाहती और यही वजह है कि जहां-जहां पर कमजोर कड़ियां हैं, उन्हें दुरुस्त कर 2024 की राह को आसान करने के लिए यह सारी कवायद की जा रही है।