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PM Internship Scheme: कब आएगी पीएम इंटर्नशिप स्कीम की गाइडलाइन, क्यों इन छात्रों को मिलने जा रहा पहला मौका?

राहुल संपाल
Updated Fri, 23 Aug 2024 03:17 PM IST

सार

योजना से जुड़े सूत्रों कहना है कि इस स्कीम में सभी युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार मौका मिलेगा। स्कीम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मंत्रालय समन्वय और नियंत्रण करने का काम करेगा।
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PM Internship Scheme - फोटो : Amar Ujala


संबंधित अधिकारियों का कहना है कि, इस योजना का व्यापक ब्योरा बजट में ही दे दिया है कि ये योजना किस तरह से काम करेगी। कैसे युवा इसमें आवेदन कर सकते है। आने वाले दिनों में इससे संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिया जाएगा। इन दिशानिर्देशों में सभी बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। साथ ही इंटर्नशिप योजना का विस्तृत ब्यौरा दिया जाएगा। इन दिशानिर्देशों को फाइनल रुप देने से पहले मंत्रालय ने सभी प्राइवेट कंपनियों से भी चर्चा की थी। इसमें उनके सुझावों को भी शामिल किया गया है।


योजना से जुड़े सूत्रों कहना है कि इस स्कीम में सभी युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार मौका मिलेगा। स्कीम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मंत्रालय समन्वय और नियंत्रण करने का काम करेगा। मंत्रालय आने वाले दिनों इंटर्नशिप के लिए आवेदनों करने समय-सीमा, कंपनियों द्वारा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया और अन्य बातों का विस्तृत ब्यौरा जारी करने जा रहा है। फिलहाल ऐसा भी विचार किया जा रहा है कि इस स्कीम के तहत ऐसे युवाओं को पहले मौका मिले,जिनके पास रोजगार पाने की संभावना कम है। ताकि वे योजना के तहत अपना कौशल सुधार सके और खुद को विकसित कर सके। शुरुआत में इस बात पर ध्यान होगा कि इंटर्नशिप करने के इच्छुक अभ्यर्थियों तक पहुंचा जाए। बाद में कौशल की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाएगा।


शीर्ष 500 कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप के लिए योजना शुरू

हाल ही में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि केंद्र सरकार शीर्ष 500 कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप के लिए एक योजना शुरू करेगी। कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय इन कंपनियों के साथ मिलकर इंडस्ट्रियल स्किल्स ट्रेनिंग के लिए संसाधन जुटाएगा। इस योजना के तहत, इंटर्न को हर महीने लगभग 5,000 रुपये का भत्ता और एक बार में करीब 6 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। इन इंटर्न को ट्रेनिंग देने का खर्च कंपनियां अपनी सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से वहन करेंगी। इस योजना में कंपनियों की भागीदारी उनकी इच्छा के अनुसार है। ये इंटर्नशिप टॉप 500 कंपनियों के सप्लायर या वैल्यू चेन पार्टनर के जरिए दी जाएगी। अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम के उलट, कंपनियों पर इंटर्न को स्थायी नौकरी देने का कोई दबाव नहीं होगा। सरकार इंटर्नशिप भत्ते का 90 प्रतिशत हिस्सा देगी, बाकी 10 प्रतिशत कंपनियां देंगी और ट्रेनिंग का खर्च कंपनियां खुद उठाएंगी।


ऐसे मिलेगी युवाओं को इंटर्नशिप

सरकार द्वारा लागू किए गए इस इंटर्नशिप प्रोग्राम का फायदा वही युवा उठा पाएंगे, जिन्होंने फुल टाइम कोर्स किया हो। कंपनियों के हिसाब से युवाओं की प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसके अलावा युवाओं को योग्यताओं के हिसाब से इंटर्नशिप मिलेगी। जिन छात्रों ने आईआईटी, आईआईएम और आईआईएसईआर से पढ़ाई की है, उन छात्रों को इस इंटर्नशिप योजना का लाभ नहीं मिलेगी। जिन छात्रों ने सीए और सीएमए की डिग्री ली है और जिन छात्रों के परिवार में कोई सरकारी नौकरी करता है या परिवार में कोई इनकम टैक्स देता है, उन छात्रों को भी इस इंटर्नशिप योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ में केवल 21 से 24 साल के बाच के युवा ही इंटर्नशिप पा सकते हैं। हालांकि इंटर्नशिप पाने के लिए कैसे आवेदन करना है, इस बारे में सरकार की तरफ से कोई अपडेट नहीं आया है।

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