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महिला की गिरफ्तारी को लेकर क्या कहता है कानून

Thu, 17 May 2018 04:29 PM IST
बीबीसी
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने पीएनबी घोटाले में कविता मनकिकर की गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया है। कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई ने कविता को दिन ढलने के बाद गिरफ्तार किया जो कि कानूनी रूप से गलत है।पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में मुख्य अभियुक्त नीरव मोदी की एक्जीक्यूटिव असिस्टेंट कविता ने कोर्ट में दलील दी है कि उनकी गिरफ्तारी गैर-कानूनी है क्योंकि सीबीआई ने उन्हें 20 फरवरी को दिन ढलने के बाद रात 10 बजे गिरफ्तार किया।
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उनका दावा है कि कानून किसी महिला को दिन ढलने के बाद गिरफ्तार करने की अनुमति नहीं देता है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, "बॉम्बे हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच के जस्टिस जे काठावाला और भारती डांगरे ने उनके दावे को स्वीकार करते हुए उनकी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के बाद रिमांड को खारिज कर दिया है।"

बेंच ने सीबीआई पर नियमों के उल्लंघन के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और इसमें शामिल अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सुझाव दिया है।

महिलाओं की गिरफ्तारी पर क्या कहता है कानून?

वरिष्ठ वकील डॉक्टर अनुजा कपूर का कहना है कि कानून में महिलाओं की गिरफ्तारी को लेकर विशेष नियम हैं। वो कहती हैं, "बहुत से ऐसे उदाहरण हैं जिसमें महिला को गिरफ्तार करने के बाद उनके साथ यौन हिंसा और प्रताड़ना की बात सामने आई, इन्हीं सारे मामलों को देखते हुए कानून बनाया गया कि मामला चाहे जो भी किसी भी महिला को शाम छह बजे के बाद और सुबह छह बजे के पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।" "उसे हाउस-अरेस्ट किया जा सकता है और वो भी महिला पुलिस द्वारा ही। लेकिन किसी भी सूरत में दिन ढलने के बाद उसकी गिरफ्तारी गैर-काननी है।"
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सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनि बंसल कहती है कि सिर्फ़ महिलाओं के लिए नहीं, हर गिरफ्तारी के कुछ तय नियम हैं। "बात महिलाओं की गिरफ्तारी की करें तो सबसे अहम है कि उनकी गिरफ्तारी दिन ढलने के बाद नहीं हो सकती। ना ही उन्हें दिन ढलने के बाद पुलिस स्टेशन बुलाया जा सकता है।"
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कानूनी प्रावधान

इसके अलावा अवनि बताती हैं:
  • * अगर किसी रिपोर्ट के सिलसिले में आपको महिला से पूछताछ करनी है और दिन ढल चुका है तो पुलिस को ही उसके घर जाना होगा।
  • * महिला की जांच एक महिला पुलिसकर्मी ही कर सकती है। कोई पुरुष पुलिसकर्मी, किसी भी सूरत में उसे हाथ नहीं लगा सकता।
  • * अगर कोई नाबालिग बच्ची है तो उसकी जांच-पड़ताल के दौरान उसके माता-पिता या अभिभावकों का मौजूद होना अनिवार्य है। नाबालिग की जांच के दौरान पुलिस ये कभी नहीं बोल सकती कि माता-पिता को कहीं और जाना होगा। (ये नियम हर नाबालिग के लिए है।)
  • * हथकड़ी का कानून मुख्य रूप से महिलाओं के लिए नहीं है लेकिन ज्यादातर लोगों को इस बारे में पता नहीं होता। इस कानून के तहत हथकड़ी तब तक नहीं लगाई जा सकती जब तक कि गिरफ्तार करने आए अधिकारी के पास कोर्ट का आदेश न हो। (अगर कोई आपराधिक रिकॉर्ड हो और पुलिस को डर हो कि वह व्यक्ति भाग जाएगा, तभी उसे हथकड़ी लगाई जा सकती है)
  • * अगर कोई महिला गिरफ्तारी के दौरान गर्भवती है तो वह अपने साथ किसी सहयोगी की मांग कर सकती है।
  • * अगर कोई मेडिकल जांच होनी है तो महिला अपने किसी विश्वासपात्र को अपने साथ रख सकती है। इसमें सबसे अहम ये है कि मेडिकल जांच में जो भी निकल के आता है उस पर डॉक्टर के हस्ताक्षर होना जरूरी है।
  • * इसके अलावा अगर कोई रिपोर्ट 24 घंटे देरी से आती है तो उसमें इस देरी का कारण भी लिखा होना चाहिए।
  • * गिरफ्तारी के दौरान महिला गिरफ्तार करने आए अधिकारी से महिला उस धारा के बारे में पूछ सकती है जिसके तहत उसे गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस को ये बताना अनिवार्य होता है कि गिरफ्तारी के बाद उस महिला को कहां रखा जाएगा। हालांकि ये कानून सभी के लिए हैं।
  • * 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य है।
  • * इसके अलावा गिरफ्तारी के बाद महिला को जिस पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है वहां महिला पुलिस अधिकारी का होना जरूरी है।
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