ओबीसी क्रीमी लेयर को निर्धारित करने के लिए कुछ नियम हैं। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने 1993 में इसे लेकर एक आधिकारीक ज्ञापन जारी किया था। इसके अनुसार आठ लाख रुपये प्रति वर्ष से कम आय वाले ओबीसी परिवार ही आरक्षण का लाभ पाने के पात्र होंगे। वेतन और कृषि से होने वाली आय को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इसके अनुसार क्रीमी लेयर का निर्धारण 'वेतन' और 'कृषि आय' के अलावा अन्य स्रोतों से आय के आधार पर तय की गई है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने सिफारिश की है कि ओबीसी क्रीमी लेयर की इस श्रेणी में जोड़ी जाने वाली आय में वेतन को भी जोड़ दिया जाए और आय की सीमा आठ लाख से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी जाए। हालांकि, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहा है। केंद्र सरकार का कहना है कि इससे ओबीसी वर्ग को लोगों को लाभ होगा। लेकिन, एनसीबीसी के अनुसार यह फैसला पिछड़े वर्ग के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है।