पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार जल्द ही राज्य पुलिस के 12,000 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करेगी। भर्ती प्रक्रिया कुछ समय से रुकी हुई है, लेकिन पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करने संबंधी अधिसूचना संभवतः सोमवार को जारी कर दी जाएगी। बकौल ममता, अगर यह मामला अटका नहीं होता तो सरकार रिक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया पहले ही पूरी कर सकती थी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल में भर्ती होने वाले जवानों को प्रशिक्षण के बाद ड्यूटी पर भी तैनात किया जाएगा। ऐसा करने से प्रशिक्षण अवधि कम हो जाएगी।
सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समितियां भंग
पुलिसकर्मियों की भर्ती के अलावा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ा बड़ा फैसला लिया। उन्होंने राज्य संचालित अस्पतालों में सभी रोगी कल्याण समितियों को भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों, नर्सों और स्थानीय पार्षदों के प्रतिनिधित्व वाली नई समितियों का नेतृत्व अस्पतालों के प्राचार्य करेंगे। समितियों को भंग करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एमएसवीपी और राजकीय अस्पतालों के प्राचार्यों के साथ बैठक के बाद की। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर में स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए एक मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया जाएगा।
बंगाल में अमेरिकी सहयोग से सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट, जमीन चिह्नित: ममता
सीएम ममता ने एक अन्य अहम घटनाक्रम में कहा, उनकी सरकार अमेरिका के साथ साझेदारी के तहत देश का पहला राष्ट्रीय सुरक्षा सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित करेगी। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। अमेरिकी महावाणिज्य दूत कैथी जाइल्स-डियाज से मुलाकात के बाद सीएम ममता ने कहा, हमने पहले ही भूमि चिह्नित कर ली है। उसे तैयार भी कर लिया गया है। अमेरिका ने भी एक जमीन देखी है...। अगले साल जनवरी के दूसरे सप्ताह में एक ‘रोडमैप’ तैयार करने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने इस परियोजना को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होगा।
2026 तक दीघा में पनडुब्बी केबल लैंडिंग स्टेशन बनेगा; इंटरनेट की दुनिया में बड़े बदलाव
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधान मुख्य सलाहकार अमित मित्रा ने कहा है कि पूर्वी मेदिनीपुर जिले के दीघा में समुद्र के नीचे केबल लैंडिंग स्टेशन अगले 15-20 महीने में चालू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2026 की पहली तिमाही में रिलायंस जियो की तरफ से कार्यान्वित ये केबल लैंडिंग स्टेशन पूरी तरह शुरू हो जाएगा। इससे परियोजना क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डेटा ट्रांसफर क्षमता और भी मजबूत होगी। वर्तमान में, पूर्वी भारत में सभी सिग्नल मुंबई या चेन्नई से होकर गुजरते हैं। इससे देरी और संभावित अड़चनें पैदा होती हैं। अगस्त 2020 में, पश्चिम बंगाल ने 1,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंज़ूरी दी थी। मित्रा ने इस परियोजना को परिवर्तनकारी बताया और कहा कि इससे कई व्यवसायों को सुविधा होगी। बंगाल का दीघा नए आईटी हब के रूप में जाना जाएगा। केबल लैंडिंग स्टेशन से सिलिकॉन वैली और राज्य में अन्य आईटी परियोजनाओं में भी बड़े बदलाव होने की उम्मीद है।