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West Bengal: टीएमसी नेता का भाजपा प्रत्याशी पर आरोप, कहा- उपचुनाव में समर्थन के लिए रिश्वत की पेशकश की

Tue, 09 Jul 2024 09:46 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

विधानसभा उपचुनाव से एक दिन पहले, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा उम्मीदवार और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे पर चुनाव जीतने में उनका समर्थन हासिल करने के लिए रिश्वत की पेशकश करने का आरोप लगाया। चौबे ने आरोप इस आरोप को बेबुनियाद बताया।
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टीएमसी नेता कुणाल घोष और भाजपा प्रत्याशी कल्याण चौबे - फोटो : X/@KunalGhoshAgain X/@kalyanchaubey
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विस्तार
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टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा उम्मीदवार और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष पर चुनाव जीतने में उनका समर्थन लेने के लिए रिश्वत की पेशकश का आरोप लगाया। विधानसभा उपचुनाव से एक दिन पहले लगाए इस आरोप को भाजपा उम्मीदवार ने निराधार बताया।
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पश्चिम बंगाल की चार विधानसभा सीटों पर बुधवार को उपचुनाव होना है। कोलकाता की मानिकतला, नदिया जिले की रानाघाट दक्षिण, उत्तर 24 परगना जिले की बगदाह और उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले की रायगंज में उपचुनाव होंगे। मानिकतला सीट 2021 में टीएमसी ने सुरक्षित कर ली थी, लेकिन फरवरी 2022 में पूर्व राज्य मंत्री साधन पांडे के निधन के बाद यह खाली हो गई। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा उम्मीदवार और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे पर चुनाव जीतने में उनका समर्थन हासिल करने के लिए रिश्वत की पेशकश का आरोप लगाया।

उपचुनाव के पहले टीएमसी के मानिकतला निर्वाचन क्षेत्र के संयोजक घोष ने अपनी टेलीफोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो क्लिप जारी किया। उनका आरोप है कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने उपचुनाव जीतने के लिए उनसे मदद मांगी थी। घोष ने कहा, "7 जुलाई को रात करीब 11:30 बजे भाजपा प्रत्याशी और एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे ने मुझे फोन किया और उपचुनाव में मेरी सहायता मांगी। घोष ने बताया कि चौबे ने उनसे कहा कि अगर वे उनकी मदद करेंगे तो वे उन्हें राज्य स्तरीय या राष्ट्रीय स्तरीय खेल संगठन में शामिल करने का प्रयास करेंगे।
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टीएमसी नेता ने आरोप लगाते हुए कहा कि कल्याण चौबे अपने राजनीतिक लाभ के लिए एआईएफएफ अध्यक्ष के आधिकारिक पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।" 

टीएमसी नेता के इन आरोपों के बाद कल्याण चौबे ने अपनी सफाई दी। घोष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौबे ने कहा कि उन्होंने घोष को उम्मीदवार के रूप में वोट मांगने के लिए फोन किया था। उन्होंने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा, "यह सिर्फ एक शिष्टाचार कॉल था और बातचीत को रिकॉर्ड करना और संपादित संस्करण जारी करना अपराध है। उन्होंने खुद पहले भाजपा में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग नहीं किया है। उन्होंने ऑडियो क्लिप को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है।

इसके बाद घोष ने चौबे के इस दावे को खारिज कर दिया कि उन्होंने वोट मांगने के लिए उम्मीदवार के रूप में फोन किया था। उन्होंने कहा, "मैं मानिकतला निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता नहीं हूं, इसलिए यह बहाना कि उन्होंने मुझे वोट मांगने के लिए उम्मीदवार के रूप में फोन किया, झूठा और निराधार है।" 
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