आठ जुलाई को पंचायत चुनाव के लिए मतदान होने हैं। जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सीआरपीएफ की 50 कंपनियां, बीएसएफ की 60 कंपनियां, सीआईएसएफ की 25 कंपनियां, आईटीबीपी की 20 कंपनियां, एसएसबी की 25 कंपनियां और आरपीएफ की 20 कंपनियां भेजी जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक असम, बिहार, झारखंड और ओडिशा से पुलिस की कंपनियां राज्य में आएंगी। इसी तरह से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से पुलिस भी आएंगी। इसके अलावा त्रिपुरा, मिजोरम, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और महाराष्ट्र से सैनिकों की कंपनियां लाई जा रही हैं।
राज्य चुनाव आयोग ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्रालय को पत्र लिखकर बाकी कंपनियों को जल्द से जल्द भेजने का अनुरोध किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। केंद्र ने आठ जुलाई को होने वाले चुनावों के लिए असम, बिहार, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से राज्य सशस्त्र पुलिस की 200 कंपनियों के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और आरपीएफ जैसे बलों को भेजा है।
उन्होंने बताया, 'एसईसी ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर राज्य में पंचायत चुनावों के लिए केंद्रीय बलों की शेष 507 कंपनियों को भेजने को कहा है। मंत्रालय से अनुरोध किया गया था कि बाकी कंपनियों को जल्द से जल्द भेजा जाए क्योंकि उन्हें जिलों में तैनात करने की जरूरत है।' उन्होंने बताया कि इस बीच केंद्रीय बलों की कुछ टीमों ने शुक्रवार को हुगली और बांकुड़ा जिलों में एरिया डोमिनेशन के लिए मार्च निकाला। एसईसी अधिकारियों और केंद्रीय बलों के प्रतिनिधियों ने शाम को कर्मियों की तैनाती पर बंद कमरे में बैठक की।