अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि समारोह के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और माकपा के वेटरन नेता बिमान बोस को निमंत्रण भेजा गया था। साथ ही पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान व बीसीसीआई के मौजूदा चेयरमैन सौरभ गांगुली को भी आमंत्रित किया गया। सुबह 10.45 बजे शुरू हुए शपथ ग्रहण समारोह के लिए कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर किसी भी अन्य राज्य के मुख्यमंत्री या राजनेता को नहीं बुलाया गया। लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं ममता बनर्जी ने 2 मई को विधानसभा चुनावों में जीत के बाद ही शपथ ग्रहण के सादगी से आयोजन की घोषणा कर दी थी।
सिर्फ ममता बनर्जी ने ली शपथ, मंत्रियों ने नहीं
अधिकारी ने बताया कि बुधवार को टीएमसी की तरफ से महज ममता बनर्जी ही शपथ ग्रहण की है। उनकी कैबिनेट के अन्य मंत्री बाद में शपथ लेंगे। टीएमसी सूत्रों ने कहा कि समारोह में ममता के भांजे व टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और टीएमसी नेता फिरहाद हाकिम भी उपस्थित रहे। सूत्रों के मुताबिक, शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जाएंगी, जहां उन्हें कोलकाता पुलिस की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।