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बंगाल: नंदीग्राम के संग्राम पर 12 अगस्त को होगी सुनवाई, क्या फिर से होगी वोटों की गिनती?

Wed, 14 Jul 2021 03:23 PM IST
दीप्ति मिश्रा पीटीआई, कोलकाता

सार

न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो की चुनावी याचिका पर सुनवाई से अलग होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने मामले को न्यायमूर्ति शंपा सरकार की पीठ को सौंप दिया। 
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ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी की जीत के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय में दाखिल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर 12 अगस्त को सुनवाई होगी। इसके बाद से लोगों के मन में सवाल उठ रहे है कि क्या नंदीग्राम विधानसभा के वोटों की गिनती फिर से होगी?

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न्यायमूर्ति कौशिक चंदा के तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो की चुनावी याचिका पर सुनवाई से अलग होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने मामले को न्यायमूर्ति शंपा सरकार की पीठ को सौंप दिया। सुवेंदु अधिकारी ने साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से बनर्जी को 1,956 मतों से हराया था। 



न्यायमूर्ति कौशिक चंदा ने इस मामले में सुनवाई से 7 जुलाई को खुद को अलग कर लिया था। न्यामूर्ति चंदा ने इस मामले से उन्हें अलग करने की मांग को लेकर ममता बनर्जी पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया था।
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बनर्जी की याचिका में न्यायमूर्ति चंदा के सुनवाई से अलग होने का अनुरोध करते हुए दावा किया गया था कि वह वर्ष 2015 में भारत के अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल नियुक्त किए जाने तक भाजपा के सक्रिय सदस्य थे और चूंकि भाजपा के एक उम्मीदवार के निर्वाचन को चुनौती दी गई है, इसलिए फैसले में पूर्वाग्रह होने की आशंका है।

न्यायमूर्ति चंदा ने कहा था कि वह भाजपा के विधिक प्रकोष्ठ के संयोजक कभी नहीं रहे, लेकिन पार्टी की ओर से अनेक मामलों में कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेश हुए थे।  बनर्जी के वकील ने उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर उनकी चुनाव याचिका किसी दूसरी पीठ को सौंपने का अनुरोध किया था।

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