आठ से सत्रह जनवरी तक आयोजित होगा मेला
मुख्यमंत्री बनर्जी ने सागर द्वीप पर वार्षिक मेले की तैयारियों का जायजा लिया। जहां मकर संक्रांति के मौके पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर पवित्र डुबकी लगाने के लिए देश और विदेश से लाखों हिंदू तीर्थयात्री एकत्र होते हैं। इस साल गंगासागर मेला आठ जनवरी से 17 जनवरी के बीच आयोजित किया जाएगा।
कम से कम चालीस लाख श्रद्धालु होंगे इकट्ठा
उन्होंने नबन्ना सभागार (सचिवालय) में अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इसके बाद कहा, गंगासागर भारत का सबसे बड़ा मेला है। इस साल कम से कम चालीस लाख लोग इकट्ठा होंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि तीर्थयात्रियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े।
तैनात किए जाएंगे दस हजार पुलिसकर्मी
उन्होंने कहा, 'करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। यातायात नियमों की योजना बनाई गई है और पानी में गश्त भी होगी। कानून व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा। चिकित्सा इकाइयों को भी तैयार रखा जाएगा।' बनर्जी ने कहा कि वाहनों की आवाजाही की निगरानी इसरो की मदद से जीपीएस और उपग्रह ट्रैकिंग के जरिए की जाएगी।
मेले को पर्यावरण के अनुकूल बनाने का प्रयास
उन्होंने कहा कि वार्षिक समागम को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, सागर द्वीप के आसपास आवश्यक ड्रेजिंग का काम पहले ही किया जा चुका है। बनर्जी ने सोवनदेब चट्टोपाध्याय, फिरहाद हकीम और अरूप बिस्वास सहित वरिष्ठ मंत्रियों को गंगासागर मेले के दौरान कार्यवाही पर कड़ी नजर रखने के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर मौजूद रहने के लिए कहा।