ममता बनर्जी ने किया ऑडिटोरियम का उद्घाटन
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पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी ने गुरुवार को कोलकाता में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि कहा कि मेरे मन में बस यही होता है कि लोग मुझे कभी गलत न समझें। कभी-कभी हमें फंड दिया जाता है, कभी-कभी नहीं दिया जाता। अभी सुनने में आ रहा है कि हमें 2024 तक कुछ नहीं दिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो साड़ी का आंचल फैला कर माताओं के सामने भीख मांग लूंगी, लेकिन दिल्ली से भीख मांगने कभी नहीं जाऊंगी।
यह पहली बार नहीं है जब ममता ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। इससे पहले 29-30 मार्च को केंद्र पर फंड न जारी करने का आरोप लगाते हुए दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा था कि जरूरत पड़ी तो मैं प्रधानमंत्री आवास के बाहर भी धरना देने से नहीं पीछे नहीं हटूंगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री बनर्जी ने बांग्ला नतून वर्ष की पूर्व संध्या पर बंगालवासियों को धनधान्य के रूप में एक भव्य ऑडिटोरियम सौगात में दी। गुरुवार शाम को इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया। शंख के आकार के इस ऑडिटोरियम के उद्घाटन पर ममता ने कहा, यह हमारे राज्य के विकास और नवाचार का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कामगारों की मदद से इसका निर्माण किया गया। इसे बनाने में 440 करोड़ रुपये की लागत आई है।
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, शंख के आकार के इस ऑडिटोरियम को छह मंजिला बनाने के लिए 6500 मेट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। इसके निर्माण के लिए करीब 600 मजदूरों ने दिन-रात किया किया। ऑडिटोरियम के अंदर की संरचना स्टील से बनी है जबकि बाहरी हिस्सा महंगे जस्ते की चादर से निर्माण हुआ है। इसे जर्मनी से मंगाया गया है। इसमें ऐसी लाइटें लगाई गई हैं कि 33 हजार तरह की रोशनी निकलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इसका निर्माण 2018 में हुआ था। इसके मुख्य हॉल में 2000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दो और छोटे-छोटे ऑडिटोरियम हैं जिसमें एक में कम से कम 600 लोगों को और दूसरे में कम से कम 300 लोगों के बैठने की जगह है। थिएटर 510 फीट लंबा और 210 फीट चौड़ा है जो कोलकाता में मौजूद सभागारों में संभवतः सबसे बड़ा है। आसमान से देखने पर इसका आकार शंख जैसा दिखता है।