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Space : सीडीएस चौहान ने दी सलाह, अंतरिक्ष क्षेत्र में 'प्रतिद्वंद्वी' की तेज प्रगति का मुकाबला करने की जरूरत

Thu, 13 Apr 2023 10:46 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, नई दिल्ली।

सार

सीडीएस ने कहा कि भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि क्वांटम एन्क्रिप्शन का लाभ उठाकर अपना खुद का साइबर-सुरक्षा, अंतरिक्ष-आधारित और उच्च गति वाला लचीला संचार तैयार करे।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को कहा कि भारत को अंतरिक्ष क्षमताओं को विकसित करने पर अपना ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। चौहान ने चीन के संदर्भ में कहा कि "प्रतिद्वंद्वी" ने अंतरिक्ष क्षेत्र में तेजी से प्रगति की है, जिसका मुकाबला करने के लिए भारत को अंतरिक्ष क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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भारतीय रक्षा अंतरिक्ष संगोष्ठी के समापन सत्र को संबोधित करते हुए जनरल चौहान ने यह सुनिश्चित करने के लिए देश की अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया कि वे भविष्य के अंतरिक्ष युद्ध के मामले में लचीले और टिकाऊ हों। सीडीएस ने कहा कि भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि क्वांटम एन्क्रिप्शन का लाभ उठाकर अपना खुद का साइबर-सुरक्षा, अंतरिक्ष-आधारित और उच्च गति वाला लचीला संचार तैयार करे।

चौहान ने कहा कि हम एक और विरोधी की क्षमताओं पर चर्चा कर रहे हैं, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है और जल्द ही अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी की अंतरिक्ष क्षमताओं से आगे निकल जाएगा। यह केवल इस बात को इंगित करता है कि हमें विकसित की जा रही क्षमताओं और उन क्षमताओं पर अपना ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है जिनका उपयोग हम उनका मुकाबला करने के लिए कर सकते हैं। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि किफायती निम्न पृथ्वी कक्षा उपग्रहों, छोटे सेंसर और दोबारा उपयोग होने वाले रॉकेट द्वारा पेश की जाने वाली पूरी क्षमता का लाभ उठाया जाए या वास्तविक समय, सटीक, अचूक और लगातार दोहरी खुफिया तस्वीरों के साथ-साथ सटीक पद्धतिगत इनपुट सेवा प्रदान करने के लिए मल्टी सेंसर आईएसआर नक्षत्र मंडल स्थापित किया जाए। इस दौरान सीडीएस ने स्वदेशी रूप से विकसित एक चिप का भी अनावरण किया जो भारत में नेविगेशन, पोजिशनिंग और टाइमिंग अनुप्रयोगों का मूल रूप बन सकता है।

ऐलेना जियो सिस्टम्स के संस्थापक लेफ्टिनेंट कर्नल वीएस वेलन ने कहा, यह चिप भारतीय नक्षत्र मंडल (NavIC) या भारतीय क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (IRNSS) उपग्रहों के साथ नेविगेशन का उपयोग करके काम करती है। यह चिप चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के समीर वी कामत और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी को सौंपे गए।

विशेषज्ञों का कहना है कि मई 2022 तक चीन के पास भारत के 29 के मुकाबले कक्षा में 541 सक्रिय उपग्रह हैं, जिनमें विश्वविद्यालयों और स्टार्ट-अप द्वारा निर्मित छह उपग्रह शामिल हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि लॉन्च के प्रयासों के संदर्भ में चीन ने 2022 में 64 ऐसे प्रयास किए, जबकि भारत ने पांच प्रयास किए।

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