पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्रीय एजेंसियों की तरफ से की गई जांच को लेकर श्वेत पत्र की मांग की है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी पर आरोप लगाने से पहले उन्हें खुद को आईने में देखना चाहिए। जलपाईगुड़ी जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने बताया कि एक टीएमसी ही है जो भाजपा से अकेले लड़ रही है। सीपीआई(एम) और कांग्रेस तो केवल भाजपा की मदद कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने की श्वेत पत्र की मांग
श्वेत पत्र की मांग करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए भाजपा ने 300 केंद्रीय एजेंसियों की टीमों को भेजा था। लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। अब प्रधानमंत्री को बंगाल के लोगों को यह बताना होगा कि मनरेगा फंड का क्या हुआ? गरीबों ने इस परियोजना के तहत काम तो किया, लेकिन उन्हें इसके बदले में कुछ भी नहीं दिया गया।"
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आगे कहा, "पीएम टीएमसी को भ्रष्ट कहते हैं। उन्हें ये कहने से पहले खुद को आईने में देखना चाहिए। उनकी पार्टी में डकैत भरे हुए हैं।" उन्होंने भाजपा को बंगाली विरोधी पार्टी बताया है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी एनआरसी की आड़ में दलितों, आदिवासियों और ओबीसी को बाहर निकालने की योजना बना रही है।
बंगाल में टीएमसी को जीतना होगा: ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा, "हम बंगाल में एनआरसी को लागू होने नहीं देंगे।" सीपीआई(एम) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "बंगाल में केवल टीएमसी ही भाजपा के खिलाफ लड़ रही है, बाकी की दो पार्टियां उनकी (भाजपा) मदद कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन के साथ हैं, लेकिन देश को बचाने के लिए बंगाल में टीएमसी को जीतना ही होगा।