प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ममता बनर्जी की राजभवन में मुलाकात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के बीच शुक्रवार शाम को ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजभवन में पीएम से मिलने पहुंच गई। इस मुलाकात के बाद ममता ने कहा कि यह बैठक राजनीतिक बातों पर चर्चा के लिए नहीं थी, बल्कि महज प्रोटोकॉल और शिष्टाचार भेंट थी। हालांकि, इसे लेकर भाजपा ने ममता को घेरा है। पार्टी के सांसद दिलीप घोष ने कहा कि मौजूदा समय में तृणमूल कांग्रेस में दरारें दिखने लगी हैं। इसलिए ममता बनर्जी इधर-उधर भाग रही हैं।
क्या बोले दिलीप घोष?
पश्चिमी मेदिनीपुर के खड़गपुर में दिलीप घोष ने कहा, "ममता बनर्जी आज मुश्किल में हैं इसलिए हर जगह दौड़ रही हैं। कांग्रेस के साथ उनकी बन नहीं रही, अपना अस्तित्व, पार्टी और नेताओं को बचाने के लिए बहुत कुछ कर रही हैं। पिछली बार प्रधानमंत्री आए थे तब उन्होंने कोई बात नहीं की थी। आज क्या मजबूरी है? शाहजहां शेख जैसे नेता धीरे-धीरे ED के कब्जे में आ रहे हैं और पार्टी टूट रही है। इसलिए प्रधानमंत्री से कोई गुहार लगाने के लिए गई होंगी।"
पीएम मोदी से मुलाकात पर क्या बोली थीं ममता?
बंगाल में रैली के बाद पीएम मोदी राजभवन पहुंचे थे। इसके कुछ ही कुछ देर बाद सीएम ममता बनर्जी भी राजभवन पहुंचीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक प्रोटोकॉल मीटिंग और शिष्टाचार मुलाकात है। मैं किसी भी राजनीतिक चीजों पर चर्चा नहीं की क्योंकि यह बिल्कुल भी राजनीतिक मुलाकात नहीं है।
भाजपा और टीएमसी में बकाए को लेकर रार
गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में ममता बनर्जी ने राज्य का बकाया जारी करने की मांग को लेकर दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात की थी। टीएमसी के मुताबिक, केंद्र पर पश्चिम बंगाल का 1.18 लाख करोड़ रुपये बकाया है। राज्य सरकार ने सोमवार को लगभग 30 लाख मनरेगा श्रमिकों को मार्च 2022 से लंबित 2,700 करोड़ रुपये का भुगतान शुरू किया।