बता दें कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी नंदीग्राम से नामांकन दाखिल कर दिया है। उन्होंने ममता बनर्जी को नंदीग्राम में बाहरी बताया। साथ ही, कहा कि राज्य में जिन लोगों के साथ चिटफंड कंपनियों ने धोखा किया है, भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें उनके पैसे लौटाए जाएंगे। अधिकारी ने बनर्जी पर चुनाव से पहले धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख ने मंगलवार को चंडीपाठ 'गलत तरीके से' किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की सरकार के कारण चिटफंड घोटाला हुआ और उसके नेताओं ने 'जनता का पैसा' लूटा।
अधिकारी ने अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम में बाहरी हैं। वह यहां पर मतदान भी नहीं करतीं। मैं न केवल भूमिपुत्र हूं, बल्कि इस इलाके का नियमित मतदाता भी हूं। मैं वर्षों से इस इलाके के लोगों के साथ हूं, जबकि बनर्जी केवल चुनाव के दौरान यहां आती हैं। बता दें कि नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा। यहां टीएमसी उम्मीदवार ममता बनर्जी और भाजपा के प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने होंगे।
जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी ने तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष सुव्रत बख्शी की उपस्थिति में हल्दिया सब डिविजनल कार्यालय में नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने दो किलोमीटर लंबे रोड शो में हिस्सा लिया और एक मंदिर में पूजा अर्चना की। नामांकन दाखिल करने में बाद बनर्जी एक और मंदिर गईं। उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी। मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी। मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी, तब यहां से कोई विधायक नहीं था, क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था। मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।' बता दें कि पूर्वी मिदनापुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष शेख सुफियान को बनर्जी का चुनाव एजेंट नियुक्त किया गया है।
ममता बनर्जी ने कहा, 'मैं यहां से कभी खाली हाथ नहीं लौटी। नंदीग्राम केवल एक जगह नहीं है, यह एक आंदोलन का नाम है। मैं सभी का नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम का नाम नहीं भूल सकती। मेरे लिए इस स्थान का इतना महत्व है। मैंने इस बार सिंगूर या नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का मन बनाया था।' बता दें कि ये दोनों स्थान 2011 में भूमि अधिग्रहण के विरोध में हुए आंदोलन का केंद्र थे।