मल्टीमीडिया स्क्रीन की सप्लाई में दिक्कत
इन तरीकों में शोरूम्स में ही कुछ पार्ट्स की फिटिंग करना और बुकिंग के दौरान ग्राहकों को उन मॉडल्स को खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना, जो कंपनी के बेस्ट सेलिंग हैं और उनके प्रोडक्शन में कोई दिक्कत नहीं है। ताकि लोगों को कार की डिलीवरी का कम से कम इंतजार करना पड़े। महिंद्रा एंड महिंद्रा के कुछ सूत्रों ने बाताया कि वे कार डीलर्स को कुछ गाड़ियां मल्टीमीडिया स्क्रीन के बिना ही सप्लाई ही कर रहे हैं, साथ उन्होंने सप्लायर्स से कहा है कि वे उन पार्ट्स को सीधे डीलर्स को ही भेज दें।
डीलर्स शोरूम में ही कारों में स्क्रीन फिट करवा कर ग्राहकों को बेच रहे हैं। वहीं कंपनी की यूनीक और इनोवेटिव व्यवस्था से हफ्तों का समय बच रहा है। कंपनी ने महिंद्रा थार को लेकर यह जरूरी कदम उठाया है। थार की बुकिंग 50 हजार यूनिट्स को पार कर चुकी है। वहीं थार के कुछ वैरियंट्स पर वेटिंग पीरियड 10 महीने तक पहुंच चुका है। शोरूम से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया कि कार में स्क्रीन इंस्टॉल करना कोई बड़ा भारी काम नहीं है, केवल स्क्रीन को स्लॉट में लगा कर कनेक्टर से जोड़ना होता है।
टाटा मोटर्स ने किया मैनेज
इस समस्या से टाटा मोटर्स को भी दो-चार होना पड़ रहा है। टाटा मोटर्स की भी कई गाड़ियों की डिलीवरी के लिए ग्राहकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। टाटा मोटर्स भी ग्राहकों को समय पर वाहनों की डिलीवरी के लिए प्रोडक्शन लाइन को दुरुस्त कर रही है। वहीं टाटा की प्रीमियम हैचबैक कार अल्ट्रोज भी मल्टीमीडिया स्क्रीन की शॉर्टेज से जूझ रही है। कंपनी के सूत्रों का कहना है कि जैसे ही स्क्रीन आती हैं, उन्हें व्हीकल यार्ड में ही लगा दिया जाता है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने सेमीकंडक्टर की शॉर्टेज को सप्लायर्स के साथ बेहतर प्लानिंग और समन्वय के जरिए सफलतापूर्वक मैनेज किया है। साथ ही टाटा मोटर्स ने हालात को समयबद्ध तरीके से प्रोडक्शन को शिड्यूल करके और मॉडल-मिक्स मैनेजमेंट के जरिए संभाला है।
जून में लॉन्च होने वाली है XUV500
वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा भी अपनी नासिक फैसिलिटी में उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की तैयारी कर रही है, साथ ही व्हीकल्स का वेटिंग पीरियड घटाने के लिए सप्लायर्स से बातचीत कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि जून तक कंपोनेंट शॉर्टेज की समस्या को दूर कर लिया जाएगा। क्योंकि जून में कंपनी नई एसयूवी XUV500 को लॉन्च करने वाली है और कंपनी चाहती है कि उसका पर्याप्त मात्रा में उत्पादन हो।
ज्यादा मांग वाली गाड़ियों में सप्लाई
वहीं कार निर्माता कंपनियां इन दिनों सबसे ज्यादा मांग वाले वाहनों के उत्पादन पर भी फोकस कर रहे हैं। जैसे ह्यूंदै सेमीकंडक्टर्स को लो डिमांड मॉडल्स जैसे हैचबैक कारों सेट्रो या आई10 की जगह ज्यादा डिमांड वाले व्हीकल्स जैसे क्रेटा या वेन्यू में सप्लाई कर रही है। साथ ही कंपनियां किसी खास मॉडल की बजाय ज्यादा मांग वाले ट्रिम्स में कंपोनेंट की दिक्कत न हो, इसके लिए सप्लाई चेन को भी दुरुस्त कर रही हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है और आगे कुछ महीनों तक जारी रहेगा।